ग्लासगो 2026 में भारतीय बेटियों का जलवा, 13 में से 8 गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
मीराबाई चानू, अस्मिता डे और भारतीय महिला मुक्केबाजों ने दिखाया दम।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के 13 स्वर्ण पदकों में से 8 गोल्ड अपने नाम किए।
नई दिल्ली: ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के शानदार प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत देश की महिला खिलाड़ी रहीं। भारतीय दल के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों ने जीतकर न केवल भारत का गौरव बढ़ाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अब भारतीय 'नारी शक्ति' सफलता की नई पहचान बन चुकी है।
भारतीय महिला खिलाड़ियों ने भारोत्तोलन, मुक्केबाजी, जूडो और पैरा एथलेटिक्स जैसे विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उनके दमदार प्रदर्शन ने भारत के पदक अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

भारतीय महिला मुक्केबाजों का दबदबा
पीटी ऊषा ने जताया गर्व
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने महिला खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत के 13 स्वर्ण पदकों में से 8 महिलाओं के नाम होना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों के पीछे खिलाड़ियों, उनके परिवारों, कोचों और सहयोगी स्टाफ की वर्षों की मेहनत और समर्पण छिपा है।
उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता देश की लाखों बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी। यही 'नारी शक्ति' की वास्तविक भावना है।
महिला सशक्तिकरण की बदली तस्वीर
भारतीय ओलंपिक संघ के अनुसार, ग्लासगो में मिली सफलता केवल खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत में महिला सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर भी पेश करती है। शिक्षा, खेल, शासन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का सकारात्मक असर अब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भी साफ दिखाई दे रहा है।
संघ ने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं, खेलों में बढ़ते अवसर, मजबूत सहायता तंत्र और महिलाओं को मिल रहा सम्मान भारतीय खेलों में नए बदलाव की मजबूत नींव बन चुका है।
टीम भावना भी बनी सफलता की पहचान
आईओए ने बताया कि ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने केवल पदक ही नहीं जीते, बल्कि टीम भावना का भी बेहतरीन उदाहरण पेश किया। अनुभवी खिलाड़ियों ने युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया और पूरी प्रतियोगिता के दौरान टीम इंडिया की एकजुटता को मजबूती दी।
नई पीढ़ी के लिए बनीं प्रेरणा
मीराबाई चानू, शर्मिला धनखड़, अस्मिता डे, साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैसमीन लांबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी की उपलब्धियां अब देशभर की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। इन खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर भारतीय महिलाएं विश्व मंच पर लगातार सफलता हासिल कर सकती हैं।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार भारत के स्वर्णिम अभियान की सबसे बड़ी पहचान उसकी 'नारी शक्ति' रही।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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