धनबाद: शिक्षा में लगा ग्रहण
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- कुमार कामेश
धनबाद: मंदिर दो तरह के होते हैं, एक हमें दैविक शक्ति का एहसास कराता है। हमारी आस्था के अनुसार पूजा अर्चना करते हैं। लेकिन जहां हम इंसान बनते हैं, जहां मानवता, इंसानियत, नैतिकता, अच्छे- बुरे, गुण- अवगुण जैसे चीजों से अवगत कराता है वो मंदिर गुरुकुल यानि शिक्षा का मंदिर।
लेकिन जब भगवान के मंदिर में एक संस्था द्वारा दलित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने की शुरुआत की गयी तो मंदिर में पूजा करने वाले लोगों के द्वारा मंदिर में ताला जड़ दिया। मंदिर परिषर में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चे मंदिर के बाहर बैठकर पढ़ाई किया। सबसे बड़ी बात जिस मंदिर के शेड में बच्चों को शिक्षा दिया जा रहा था वहां स्थानीय सांसद पीएन सिंह द्वारा निर्माण का बोर्ड लगा हुआ है।
मामला धनसार थाना के बगल के शिव मंदिर का है। एक संस्था द्वारा इस मंदिर में दलित एवं गरीब तबके के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था शुरू की गयी। लेकिन आज जब संस्था के लोग यहां पहुंचे तब मंदिर के गेट पर ताला जड़ा हुआ पाया। बच्चे भी अपने नियत समय से पढाई के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर में ताला जड़ा हुआ देख बच्चे को मंदिर की सीढ़ियों पर बैठाकर पढ़ाने लगे। थोड़ी ही देर में पढ़ाई कर रहे उन बच्चो के अभिभावकों को भी भनक लग गयी। बच्चों के अभिभावक भी वहां आ पहुंचे। बच्चों के अभिभावकों के पहुंचते ही मंदिर में पूजा करने वाले के साथ नोकझोक शुरू हो गयी। दोनों के बीच काफी देर तक नोकझोक का सिलसिला चलता रहा। अभिभावक अपने बच्चों को मंदिर में पढ़ाने की जिद पर अड़े रहे और मंदिर में पूजा करने वाले मंदिर में नहीं पढ़ने देने की जिद पर अड़े रहे।
अभिभावकों ने मंदिर में पूजा करने वाले स्थानीय लोगों पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। अभिभावकों का कहना है कि दलित एवं गरीब तबके के बच्चे हैं इसलिए उन्हें मंदिर में पढ़ने नहीं दिया जा रहा है। मंदिर में पूजा करने वाले लोग किसी शर्त पर मंदिर में बच्चों को पढ़ने देना नहीं चाह रहे थे।
संस्था के सदस्य और शिक्षकों ने बताया कि गरीब तबके के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा यहां दी जा रही थी लेकिन अब मंदिर के गेट में ताला जड़ दिया गया है। इनका कहना है की सरकार शिक्षा के लोगों को जागरूक करती है, कई कार्यक्रम चलाती है ताकि घर से बच्चे स्कुल में शिक्षा ग्रहण कर सके लेकिन जब मंदिर में बच्चो को शिक्षा दे रहे हैं तो लोग इसका विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि मंदिर गंदा हो जाएगा।
जिस मंदिर में बच्चों को पढ़ने से लोग रोक रहे हैं उस मंदिर के शेड में स्थानीय सांसद पीएन सिंह का बोर्ड लगा हुआ है। शेड में लगे बोर्ड यह साफ़ साफ़ बता रहा है कि शेड का निर्माण सांसद मद से किया गया है।
बहरहाल आज बच्चों की पढाई मंदिर की सीढ़ियों पर बैठकर हो गयी। लेकिन क्या ये बच्चे इसी तरह सीढ़ियों पर बैठकर ही पढ़ेंगे या फिर इन्हें कही उचित स्थान भी मिल पाएगा? समाज के ऐसे वर्ग जो इन गरीब तबके के दलित बच्चो को मंदिर में शिक्षा ग्रहण करने से रोक रहे हैं उन्हें आखिर अब नहीं तो कब समझ आएगी?
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Edited By: Samridh Jharkhand
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