रांची: दो साइबर अपराधियों को पुलिस ने दबोचा, 20 सिम सहित 5 मोबाइल बरामद
On
रांची: राजधानी सहित झारखंड में इनदिनों साइबर अपराधियों ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है। इसी कड़ी में पुलिस को बुधवार को एक बड़ी सफलता तब हाथ लगी, जब उन्होंने 25 हजार की ठगी के दो शातिर साइबर क्रीमिनल को दबोच लिया। ये अपने फर्जीवाड़े का धंधा एनी डेस्क एप के जरिये अंजाम दिया करते थे। पहले लोगों से एप डाउनलोड करवाने के बाद रिमोट कंट्रोल के माध्यम से खाता से रुपये उड़ाने की वारदात को अंजाम दिया करते थे। धराए अपराधी में जामताड़ा निवासी विवेक कुमार मंडल व देवघर का आमिर खुसरो शामिल है। इनके पास से पुलिस ने 20 पेटीएम कार्ड, 20 फर्जी सिम, 5 मोबाइल के अलावे 15 हजार नकद बरामद किये हैं।
अपराधियों ने राजधानी स्थित कांके रोड निवासी व्यवसायी सत्येंद्र किशोर से पैसे ठगे थे। रांची के एसएसपी अनीश गुप्ता ने इस बाबत मीडिया को बताया कि ये अपराधी लोगों से एनी डेस्क एप मोबाइल में इंस्टॉल करवाते हैं। इसके बाद उक्त मोबाइल साइबर अपराधियों के कंट्रोल में हो जाता था। फिर वे आराम से ई- वॉलेट, यूपीआइ एप सहित अन्य बैंक खातों से जुड़े सभी एप को आसानी से ऑपरेट कर रुपये उड़ा लेते हैं। जब कोई व्यक्ति बैंक से मदद के लिए गूगल पर टोल-फ्री नंबर ढूंढकर कॉल करता है, तब वे संबंधित व्यक्ति के नंबर पर वापस कॉल कर उसे मदद के नाम पर झांसे में लेते हैं। साइबर अपराधियों ने अपने नंबर टॉल- फ्री नंबरों की जगह को कस्टमाइज्ड कर रखा है।
[URIS id=9499]
इससे कोई भी व्यक्ति तकनीकी मदद या बैंक सेवाओं से संबंधित कार्य के लिए कॉल कर साइबर अपराधियों के झांसे में आ रहा है। कॉल करने वाले को वे बैंक अधिकारी समझते हैं, जबकि वे साइबर अपराधियों से बातचीत कर रहे होते हैं। इस दौरान उक्त एप डाउनलोड करने के बाद इसमें 9 अंको का कोड जेनरेट होता है। इसी कोड को मांगकर अपराधी रुपये उड़ाने का धंधा करते हैं। इस दौरान अपराधी धारक के फोन का सारा डेटा चोरी कर लेता है। गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से बड़ी तादात में पेटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं, यह पेटीएम कार्ड कई लोगों के अकाउंट से जुड़े हुए हैं। रांची पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर इस ठगी को अंजाम दे रहे थे। रांची के सीनियर एसपी अनीश गुप्ता ने बताया कि एनी ऐप को साइबर अपराधियों ने इन दिनों हथियार बना लिया है, इसलिए इससे बचने की जरूरत है। साइबर अपराधियों द्वारा किसी भी बातों पर अमल न करें, चूंकि उनका हर स्टेप साइबर फ्रॉड के लिए होता है।
गूगल न्यूज से जुड़ें... Follow करें
चैनल से जुड़ें 👉 Join Now
Edited By: Samridh Jharkhand
Tags:
Related Posts


Latest News








