रांची: माॅब लिंचिंग विरोध के बहाने हिंसा की उच्चस्तरीय जांच शुरु
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सीसीटीवी फुटेज से पहचाने जा रहे उपद्रवी
घायल से मिलने मेडिका पंहुचे सीपी सिंह व संजय सेठ
रांची: शुक्रवार को मॉब लिंचिंग के विरोध के बहाने देर रात की गई हिंसा प्रकरण को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। पूरे प्रकरण में प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच आरंभ कर दी है। गौरतलब हो कि राजधानी के जिन क्षेत्रों में भीड़ द्वारा मारपीट सहित वाहनों में तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम दिया गया है, उन इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है, इसी आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
आपको बता दें कि मॉब लिंचिंग के विरोध में निकले जुलूस ने सबसे पहले रांची के राजेंद्र चौक के पास एक बस पर हमला किया गया। इस दौरान बस को भीड़ ने तोड़फोड़ कर उसे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। राहगीरों के साथ मारपीट करने के साथ दर्जनों वाहनों को तोड़ा गया। देर रात तक सड़क पर अफरा- तफरी के हालात बने रहे व फिर किसी प्रकार पुलिस ने मामले को संभाला। इसी दौरान एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) पर उपद्रवियों के चाकू मारने से गंभीर रूप से जख्मी विवेक श्रीवास्तव उर्फ चंदन का शनिवार को मेडिका हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि चंदन की स्थिति स्थिर है। वह डॉक्टरों के ऑबजर्वेशन में आईसीयू में है। इसके साथ ही भीड़ की पिटाई से घायल नाबालिग छोटे भाई दीपक (17) का इलाज अब घर पर ही चल रहा है। नगर विकास मंत्री सीपी सिंह और रांची सांसद संजय सेठ भी मेडिका हॉस्पिटल पहुंचे और विवेक का हालचाल लिया। इस मौके पर उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। गौरतलब हो कि चंदन के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन वहन कर रहा है।
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उल्लेखनीय है कि शुक्रवार दोपहर डोरंडा उर्स मैदान में मुत्तेहदा मुस्लिम महाज के बैनर तले एक धर्म विशेष के लोगों ने मॉब लिंचिंग के विरोध में सभा की थी। इसके बाद प्रशासन से बगैर अनुमति लिये इनलोगों ने शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान राजेंद्र चौक सहित अन्य जगहों पर एक यात्री बस पर पत्थरबाजी की गई। साथ ही कई वाहनों में तोड़फोड़ की थी। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने इन्हें नियंत्रित कर लिया। इससे तनाव का वातावरण था। रात में आमिर वसीम, अलताफ और अरीब अहमद नाम के तीन युवक बिरसा मुंडा एयरपोर्ट मैदान के पास खड़े थे, इसी दौरान हेथू बस्ती की तरफ से 20- 25 लोग लाठी- डंडा लेकर आए और तीनों युवकों से उनका नाम पूछा। नाम बताने पर वे लोग इन युवकों से मारपीट करने लगे।
इस मामले की प्राथमिकी डोरंडा थाने में आयोजकों पर दर्ज करायी गयी है। आयोजकों में एजाज गद्दी, मौलाना ओबेदुल्लाह कासमी, शमशेर आलम सहित अन्य को नामजद आरोपित बनाया गया है। कहा गया है कि बेवजह जनसभा का आयोजन कर शहर के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई, जबकि सुबह के समय उर्स मैदान में आयोजकों को लाउडस्पीकर लगाने से भी मना किया गया था। सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना की जानकारी फैलते ही देर रात एक धर्म विशेष के लोग हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के मेन रोड स्थित एकरा मस्जिद के पास जुट गये और घटना के विरोध में सड़क जामकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। इसमें कुछ लोगों को चोटें आयी और काफी देर तक इससे अफरातफरी रही।
इस बीच मेन रोड स्थित सरोगी एजेंसी में काम समाप्त कर रातू रोड के इंद्रपुरी के रहने वाले दो भाई विवेक श्रीवास्तव उर्फ चंदन और उसका नाबालिग छोटा भाई दीपक वहां से लूना से गुजर रहे थे। चंदन लूना चला रहा था और दीपक पीछे बैठा हुआ था। रत्न टॉकिज चौक के पास उपद्रवियों ने उनकी लूना को धक्का देकर गिरा दिया और लूना सहित दोनों भाई के गिरते ही उपद्रवी उनपर टूट पड़े। भीड़ ने दोनों की जमकर पिटाई कर दी। इसी दौरान एक युवक ने चाकू से चंदन के पेट और कमर पर तीन वार किए। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया तथा पिटाई से उसका नाबालिग छोटा भाई दीपक घायल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल दोनों भाईयों को मेडिका हॉस्पिटल में भर्ती कराया। चंदन की स्थिति गंभीर थी इसलिए उसे आईसीयू में रखा गया। जबकि दीपक को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। गंभीर रूप से जख्मी चंदन का शनिवार को डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया। हिंसा के बाद शनिवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है, लेकिन इस बाबत पुलिस पूर्णतः अलर्ट है। पूरे शहर में की क्विक रिस्पांस टीम को तैनात कर दिया गया है, ताकि त्वरित कहीं भी आपात हालत में कार्रवाई की जा सके।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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