झारखंड कांग्रेस के अंतर्कलह का दिल्ली में अंत, कहा विवाद खत्म
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नई दिल्ली/रांची: सिर- फुटौवल, अंतर्कलह और टकराहट से जूझ रही झारखंड कांग्रेस के लिए शनिवार का दिन दिल्ली दरबार में महत्वपूर्ण रहा। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की क्लास में प्रदेश के सभी नेताओं ने अपनी बातें रखीं। खास बात ये है कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर महज दो महीने का समय है, लिहाजा किसी भी परितर्वन के मसले को आला नेतृत्व फिलहाल स्वीकार नहीं कर रहा है, बावजूद यदि कोई निर्णय लिया भी जाता है तो वो 11 अगस्त को दिल्ली में होनेवाली कांग्रेस कार्यसमिति में लिया जा सकता है।
वैसे आज दिल्ली दरबार में केंद्रीय स्तर के वरीय नेताओं ने सहाय व अजय गुट के नेताओं को खुलेआम विरोध नहीं करने सहित पब्लिक फोरम पर बयानबाजी बंद करने के लिए मना लिया है। चुनाव तक प्रदेश के कांग्रेसी सामूहिक टीम भावना से मैदान में अपनी ताकत झोकेंगे। इस पूरे मसले पर झारखंड के नेताओं ने भी हामी भर दी है। बैठक में झारखंड कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डाॅ अजय कुमार, सुबोधकांत सहाय, प्रदीप बालमुचु, धीरज साहू सहित सह प्रभारी उमंग सिंघार भी मौजूद थे। इस बाबत सभी नेताओं को हिदायत दी है कि जो भी दिक्कत है, उसे मीडिया में न कहें। अपनी परेशानियों को पार्टी फोरम में रखें और गुटबाजी न करें। बैठक के बाद झारखंड कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा कि बहुत अच्छे माहौल में बैठक हुई है। सभी असंतुष्ट नेता अब संतुष्ट हो गए हैं। नेताओं की नाराजगी दूर हो गई है। कहा कि सभी नेताओं को कहा गया है, कि गुटबाजी छोड़कर अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लग जाएं।
वेणुगोपाल जी ने सभी नेताओं की परेशानियों को सुना है व जल्द ही उस पर कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराना है। पार्टी के खिलाफ मीडिया में बयानबाजी करनेवालों पर 24 घंटे के अंदर एक्शन लिया जाएगा। 20 अगस्त को राजीव गांधी की 75 वीं वर्षगांठ झारखंड कांग्रेस मुख्यालय में मनाएंगे। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के बाद से ही अजय कुमार और सुबोधकांत सहाय के बीच सियासी घमासान मचा हुआ है। अजय कुमार के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के लिए सहाय गुट के नेताओं ने घोड़ा खोल रखा है। पिछले दिनों सुबोधकांत के नेतृत्व में झारखंड के कई कांग्रेसी नेताओं ने दिल्ली आकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात कर अजय कुमार को हटाकर किसी दूसरे अन्य नेता को पार्टी की कमान सौंपने की बात कही थी। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हुई है, लिहाजा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अभी कोई फैसला पार्टी नहीं कर सकी है। ऐसे में डॉ. अजय कुमार अपने पद पर बने हुए हैं। बहरहाल हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद अब देखनेवाली बात ये होगी, कि विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेसियों का रुख क्या होगा ?
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Edited By: Samridh Jharkhand
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