हजारीबाग: नवजात को फेंका जंगल की झाड़ियों में, चिकित्सक ने बचाई जान
On
जाको राखे साइयां मार सके ना कोई
हजारीबाग: एक तरफ जहां सरकार बेटियों को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करने में जुटी है। बेटी के जन्म पर प्रशासन द्वारा ढोल- ताशा बजाकर उसका स्वागत किया जाता है। वहीं दूसरी ओर आज भी हमारे समाज में मजबूरी, समाज, डर, बदनामी और इज्जत जैसे भारी भरकम शब्दों के सामने किसी की ममता मर जाती है। किसी का इंसानियत और मानवता तार-तार हो जाती है और उनके द्वारा एक नवजात बच्ची को लावारिश मान कर फेंक दिया जाता है ।
जी हां, ऐसा ही एक मामला आज हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड से तब उजागर हुआ जब एक नवजात बच्ची को जंगल के दुर्दांत झाड़ियों में फेंक दिए जाने की सूचना प्राप्त हुई। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बच्ची के चेहरे और शरीर के कई अंगों में चीटियों के काटने के लाल निशान मिले हैं। जरा सोचें की हम लोगों को एक चींटी के काटने पर कितनी तकलीफ होती है। फिर इस नवजात मासूम बच्ची का क्या कसूर था, लेकिन ईश्वर की लीला भी अपरंपार है। कहते हैं ना की जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई। यह कहावत इस मासूम बेटी की जिंदगी में सटीक बैठा। फेंकने वाला ना इसका पिता हो सकता है और ना ही इसकी मां, वह तो सिर्फ और सिर्फ एक अपराधी ही हो सकता है। जिसने अपनी औलाद को ऐसे मरने के लिए झाड़ियों में फेंक दिया। चीटियों ने भी इसे अपना निवाला बनाने का प्रयास किया। लेकिन ईश्वर ने इसकी जिंदगी बख्श दी। उसे केरेडारी से चिकित्सक और 108 एंबुलेंस की सहायता से सदर अस्पताल लाया गया। यहां फिलहाल शिशु रोग विशषज्ञों की टीम की निगरानी में एसएनसीयू में भर्ती कर इसका इलाज किया जा रहा है ।
संवाददाता ने भी बीती रात बच्ची को सदर अस्पताल के एसएनसीयू में जाकर देखा व वहां के चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों से बच्ची के बेहतर इलाज का आग्रह किया। चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है। मैंने अपने पत्रकारिता के जीवन में ऐसा दिन नहीं देखा था। बच्ची की हालत को देखकर मेरे रोंकटे खड़े हो गये थे। फिलहाल ये नवजात जीवन व मौत के बीच संघर्ष कर रही है। ये मासूमियत व ममता की ऐसी मजबूरियों से जूझ रही है, जिसका समाज में कोई स्थान नहीं। आखिर लाख टके का सवाल ये है कि कैसे अपनी कोख से वारिश को जन्म देने के बाद कोई मां ने ऐसा कृत्य किया। जाहिर है, ऐसे जटिल समस्याओं पर सामाजिक मंथन अनिवार्य है। समाज को ऐसे अपराधियों से लड़ना होगा।
[URIS id=9499]
गूगल न्यूज से जुड़ें... Follow करें
चैनल से जुड़ें 👉 Join Now
Edited By: Samridh Jharkhand
Tags:









