पलक झपकते ही बाइक गायब के सैकड़ों मामले, उद्भेदन की रफ्तार धीमी
जल्द ही शातिर सलाखों के पीछे होंगे: मनीष टोप्पो
अभिषेक सहाय

ऐसे में पुलिस की विश्वसनीयता पर सवाल उठना लाजमी है। सूत्र बताते हैं कि बाइक चोरी के तार यहाँ के कबाड़ी खाने से भी जुड़े हुए हैं। कबाड़ के आड़ में धंधेबाज चोरी की बाइक को काट कर लोहे के भाव मे खपा रहे हैं। इस काम का मास्टरमाइंड शहर के भण्डारीडीह का कबाड़खाना मालिक बताया जा रहा है। जानकर बताते हैं कि इसके कबाड़खानें में आये दिन मोटरसाइकिल सवार आते हैं और बाइक को वही छोड़ कर निकल लेते हैं।
यहाँ यह बताना भी बेहद जरूरी है कि इस कबाड़खाने के संचालक से पुलिस के एक बड़े अधिकारी के अच्छे ताल्लुक़ात हैं।
अक्सर खान साहब उस पुलिस अधिकारी के सरकारी क्वार्टर के बरामदे में नजर आते हैं। अब सैया भये कोतवाल के तर्ज पर खान साहब का धंधा चोखा चल रहा है, बेरोकटोक ये अपने काले पीले कारोबार को अंजाम दें रहे हैं। कबाड़ के साथ बाइक चोरी के तार भी यहां कई बार जुड़े।
ग्रामीणों के दबाव में भेजा जेल:
अभी हाल ही में बेंगाबाद से एक बाइक को कबाड़ के आड़ में खपाने के आरोप में ग्रामीणों ने दो लोगो को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। ग्रामीणों के दवाब में पुलिस ने दोनों को जेल भेजा।
कई कांडों के सुराग मिले हैं: एसडीपीओ
हालांकि क्षेत्र के एसडीपीओ मनीष टोप्पो का कहना है कि बाइक चोरी के कई मामलों का उद्भेदन पुलिस ने किया है।पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है, कई कांडों के सुराग भी हाथ लगे हैं।जल्द ही शातिर सलाखों के पीछे होंगे।
बहरहाल, ऐसा नही है कि पुलिस के चंगुल में बाइक चोर फंसे नही हैं। कइयों की गिरफ्तारी हुई है। लेकिन जिस तेजी से यह अपराध हो रहा है और उद्भेदन का जो रेसियो उसमे जमीन आसमान का फर्क है। इस बीच खान जैसे धंधेबाजों का पुलिस से संबंध के मामले निश्चित ही सवालों को जन्म देतें हैं कि कैसे ये मामले पारदर्शिता के साथ जमाने के सामने आ पाएंगे?









