लोकतंत्र
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान में किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए शिल्पी नेहा तिर्की
Published On
By Susmita Rani
झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने लापुंग प्रखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और बीएलए-2 कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए। खटिया पर बैठकर ग्रामीणों से संवाद, उपायुक्त रामनिवास यादव ने किया SIR-2026 अभियान का निरीक्षण
Published On
By Mohit Sinha
गिरिडीह के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के तहत गांडेय विधानसभा क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से खटिया पर बैठकर संवाद स्थापित किया और डोर-टू-डोर अभियान की प्रगति की समीक्षा की। परिसीमन का विरोध राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित, जनता को भ्रमित कर रहा विपक्ष: मृत्युंजय शर्मा
Published On
By Mohit Sinha
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि परिसीमन कोई राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि संविधान द्वारा निर्धारित अनिवार्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। जेपी विचार मंच ने मनाया 'आपातकाल-प्रतिकार दिवस', काला बिल्ला लगाकर किया विरोध
Published On
By Mohit Sinha
रांची के डिप्टी पाड़ा स्थित विधायक सी.पी. सिंह के आवासीय कार्यालय में जेपी विचार मंच, झारखंड प्रदेश द्वारा 'आपातकाल-प्रतिकार दिवस' मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को काला बिल्ला लगाकर आपातकाल का विरोध दर्ज किया। आपातकाल: भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय, इंदिरा गांधी की वह क्रूरता जिसे देश कभी नहीं भूल सकता
Published On
By Mohit Sinha
25 जून 1975 को लागू आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए इस लेख में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के फैसले, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी, प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और 42वें संविधान संशोधन जैसे घटनाक्रमों का उल्लेख किया गया है। इतिहास नहीं, जनता को जवाब चाहिए; भाजपा के 12 साल का हिसाब चाहिए: विजय शंकर नायक
Published On
By Mohit Sinha
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने अपने लेख में भाजपा सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रोजगार, महंगाई, किसानों की आय, नोटबंदी, जीएसटी, कोविड प्रबंधन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं को बाधित करने का कर रही प्रयास: आदित्य साहू
Published On
By Mohit Sinha
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर राज्यसभा चुनाव की संवैधानिक प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता, मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता विधानसभा परिसर में पहुंचकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। 3 करोड़ में झारखंड आंदोलन खरीदने वाली कांग्रेस’, आदित्य साहू का बड़ा हमला, राज्यसभा चुनाव पर गरमाई सियासत
Published On
By Mohit Sinha
राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। पत्रकार बनना आसान है, पत्रकारिता करना मुश्किल
Published On
By Mohit Sinha
वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार धीरज का यह विचारोत्तेजक आलेख पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और उसके सामने खड़ी चुनौतियों पर केंद्रित है। लेखक ने व्यंग्यात्मक शैली में बताया है कि आज पत्रकार बनना भले आसान हो गया हो, लेकिन वास्तविक पत्रकारिता करना पहले से कहीं अधिक कठिन है। बढ़ते कॉकरोच को कैसे खत्म करें?
Published On
By Mohit Sinha
ओम प्रकाश प्रीत "सोनू" का यह व्यंग्य लेख कॉकरोचों को खत्म करने की साधारण घरेलू समस्या से शुरू होकर भारतीय राजनीति के जटिल समीकरणों तक पहुंचता है। Sahebganj News: मतदाता सूची पुनरीक्षण में जुटे मोहम्मद सिफ़रान अख्तर, बीएलओ को दिए अहम सुझाव
Published On
By Susmita Rani
राजमहल पंचायत में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत अन्मैप्ड सूची में शामिल मतदाताओं के सत्यापन और मैपिंग का कार्य किया गया। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी मुहर, चुनाव आयोग को मिली संवैधानिक ताकत
Published On
By Mohit Sinha
सुप्रीम Court ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को संवैधानिक और लोकतंत्र के लिए आवश्यक बताते हुए चुनाव आयोग के अधिकारों को मान्यता दी है। अदालत ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और विश्वसनीय होना जरूरी है। 