Jharkhand News: आंदोलनकारी छात्रों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी राज्य सरकार: इरफान अंसारी
झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना छात्रों का अधिकार है, लेकिन अपनी जिंदगी और स्वास्थ्य को खतरे में डालना उचित नहीं है।
रांची: झारखंड में छात्र-छात्राओं के आंदोलन के बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रविवार को आंदोलनकारी छात्रों के नाम एक भावुक एवं संवेदनशील अपील जारी की है। स्वास्थ्य मंत्री ने जारी अपील में कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों और मांगों के लिए संघर्ष करना उनका अधिकार है, लेकिन अपनी जिंदगी और स्वास्थ्य को खतरे में डालना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की भावनाओं, उनकी मांगों और उनके संघर्ष को गंभीरता से समझ रही है तथा सकारात्मक एवं सम्मानजनक समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने छात्रों से संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखें, अपनी आवाज बुलंद करें, लेकिन अनशन और भूख हड़ताल जैसे कदमों से बचें। कहा कि सरकार छात्रों की बात सुन रही है और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। ऐसे में संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है। कहा कि झारखंड के युवा राज्य का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
उन्होंने छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा आपकी आवाज जरूरी है, आपका संघर्ष महत्वपूर्ण है, लेकिन आपकी जिंदगी उससे भी ज्यादा कीमती है। अपनी मांगों के लिए लड़िए, अपनी आवाज बुलंद कीजिए, लेकिन अपनी जान को दांव पर मत लगाइए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि संवाद, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से पूरे मामले का सकारात्मक एवं सम्मानजनक समाधान निकाला जाए।
उन्होंने छात्रों से सरकार पर विश्वास रखने और बातचीत का रास्ता खुला रखने की अपील की।अपने संदेश के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपकी सरकार आपके साथ है। स्वास्थ्य मंत्री आपके साथ खड़ा है। आपकी पीड़ा मेरी पीड़ा है। उन्होंने एक बार फिर सभी आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं से अनशन एवं भूख हड़ताल से बचने, अपने स्वास्थ्य की रक्षा करने और संवाद के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपील की।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.









