Pakur News: महेशपुर में बालू माफियाओं का राज! दिन-दहाड़े बासलोई नदी से हो रही अवैध तस्करी
कई पंचायतों के नदी घाटों से खुलेआम हो रहा अवैध बालू उठाव
पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड में अवैध बालू खनन और ओवरलोड परिवहन का कारोबार तेजी से फैल रहा है। बासलोई नदी सहित कई घाटों से दिन-दहाड़े ट्रैक्टरों के जरिए बालू उठाव किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
पाकुड़: महेशपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालू माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं। महेशपुर प्रखंड के कई पंचायतों, जैसे तेलियापोखर पंचायत, रोलाग्राम पंचायत और बलियाडांगल पंचायत के शहरी बासलोई नदी घाट, मालधारा नदी घाट, कैराछत्तर नदी घाट तथा रोलाग्राम नदी घाट से खुलेआम अवैध बालू उठाव जारी है।
हैरानी की बात यह है कि प्रशासन की नाक के नीचे ट्रैक्टरों से दिन-दहाड़े ओवरलोड बालू का परिवहन हो रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक सिर्फ खामोशी देखने को मिल रही है।

सुबह से लेकर रात तक बालू लदे ट्रैक्टर शहरी नदी घाटों से निकलते हैं और मालधारा, कैराछत्तर तथा रोलाग्राम होते हुए महेशपुर की ओर जाते दिखाई देते हैं। रोज सैकड़ों की संख्या में बालू लदे ट्रैक्टर सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं।
बालू माफियाओं को कार्रवाई का कोई डर नहीं है, क्योंकि वे खुलेआम प्रशासन की आंखों के सामने अवैध परिवहन कर रहे हैं। ओवरलोड ट्रैक्टरों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि सरकार इस अवैध कारोबार पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। लगातार हो रहे अवैध खनन से बासलोई नदी का अस्तित्व भी खतरे में पड़ता दिख रहा है। यदि इसी तरह बालू उठाव जारी रहा, तो आने वाले समय में जलस्तर गिर सकता है और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि शहरी बासलोई नदी के आदिवासी टोला घाट से दिन-रात ट्रैक्टरों द्वारा अवैध बालू ढुलाई की जा रही है, लेकिन प्रशासन चुप है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा, या फिर बालू माफियाओं के आगे पूरा सिस्टम बेबस हो चुका है?
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
