Politics News: प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से किया धैर्य कभी नहीं छोड़ने का आह्वान
पंचतंत्र के श्लोक के माध्यम से धैर्य और कर्म का महत्व बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक्स पर पंचतंत्र का एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक साझा करते हुए लोगों से जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल समय में भी व्यक्ति को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, क्योंकि धैर्य और निरंतर प्रयास से परिस्थितियां बदल सकती हैं।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रातः एक्स पोस्ट में एक सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने इस सुभाषितम् के जरिए लोगों से कभी भी धैर्य न छोड़ने का आह्वान किया। यह सुभाषितम् है- त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः। याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव ।। यह प्रसिद्ध श्लोक संस्कृत के प्रसिद्ध ग्रंथ पञ्चतन्त्रम् से लिया गया है।
सुभाषितम् का एक्स पोस्ट में भावानुवाद इस प्रकार है- भाग्य के प्रतिकूल होने पर भी मनुष्य को धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि धैर्य के कारण वह कभी भी अपनी खोई हुई अनुकूल स्थिति को पुनः प्राप्त कर सकता है। जिस प्रकार समुद्र के बीच में जहाज टूट जाने पर भी एक कुशल नाविक केवल अपने कर्म अर्थात् जीवित रहने और तैरने के प्रयास की इच्छा करता है और हिम्मत नहीं हारता है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
Related Posts


Latest News


