विधानसभा में बोले नीतीश कुमार, बिहार में एनआरसी का सवाल ही नहीं
पटना : एनडीए के अहम घटक जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विधानसभा में स्पष्ट किया कि बिहार में नेशनल रजिस्टर आफ पिपुल यानी एनआरसी का सवाल ही नहीं है. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में एनआरसी को कोई सवाल ही नहीं है, यह केवल असम के संदर्भ में था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर सफाई दी है. नीतीश कुमार ने इसस पहले भी बिहार में एनआरसी लागू नहीं करने की बात कही थी, लेकिन इस बार उन्होंने विधानसभा के पटल पर यह बात कही.
बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा,”बिहार में एनआरसी का कोई सवाल ही नहीं, ये केवल असम के संदर्भ में था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर सफाई दी है।” (फाइल तस्वीर) pic.twitter.com/AkLjWtN46x— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 13, 2020
आज विपक्ष ने विधानसभा के बाहर एनआरसी व नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. मालूम हो कि नीतीश कुमार ने नागरिकता संशोधन कानून पर मोदी सरकार का समर्थन किया है, जबकि एनआरसी से असहमति जतायी है. उल्लेखनीय है कि जदयू में भी एनआरसी पर दो राय है. जदयू नेता प्रशांत किशोर ने रविवार को एनआरसी व सीएए के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के स्टैंड की तारीफ की. इससे दूसरे तरह की भी अटकलों को बल मिला है.
प्रशांत किशोर के बयानों के बावजूद नीतीश की सीएए पर चुप्पी को पार्टी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. यह कहा जाता है कि नीतीश कुमार सोची-समझी रणनीति के तहत ही चुप रहते हैं. प्रशांत किशोर के अलावा पवन वर्मा एवं गुलाम रसूल बलयावी भी नागरिकता कानून का पार्टी द्वारा समर्थन करने के खिलाफ बयान दे चुके हैं.




