Opinion : विदेश दौरे के पहले दिन योगी आदित्यनाथ को बड़ी निवेश सफलता
सिंगापुर और जापान में निवेशकों से हुई अहम बैठकें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विदेश दौरे के दौरान सिंगापुर में 6650 करोड़ रुपये के तीन महत्वपूर्ण निवेश समझौते हुए। इन समझौतों से स्मार्ट सिटी, जल प्रबंधन, कौशल विकास और शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजकल विदेश दौरे पर हैं। उनका यह दौरा आज 23 फरवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा, जिसमें योगी को पहले दो दिन सिंगापुर और उसके बाद दो दिन जापान में गुजारना है। इसी क्रम में आज सिंगापुर पहुंचते ही सीएम योगी ने निवेशकों के साथ गहन चर्चा की और जी-टू-बी बैठकों का आयोजन भी किया गया,जिसमें 33 वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, जहां सीएम ने उत्तर प्रदेश की स्थिर नीतियों, मजबूत कानून व्यवस्था और बेहतर बुनियादी ढांचे की ताकत बताई।

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को निर्माण केंद्र और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाना था। योगी ने निवेशकों को बताया कि प्रदेश में एकल खिड़की प्रणाली से अनुमोदन प्रक्रिया सरल हो गई है, बिजली-पानी की आपूर्ति निर्बाध है और एक्सप्रेसवे तथा औद्योगिक पार्कों का जाल बिछ चुका है। सिंगापुर जैसे विकसित देश ने हमेशा प्रौद्योगिकी और वित्तीय क्षेत्रों में नेतृत्व किया है, इसलिए वहां से प्राप्त सहयोग प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा।
रोड शो के माध्यम से उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित किया और प्रदेश की 36 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का वादा किया। पिछले वैश्विक निवेशक समिट में 35 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले थे, जिन पर कार्य शुरू हो चुका है, और यह दौरा उसी श्रृंखला का हिस्सा था। सिंगापुर से लौटते हुए योगी ने कहा कि यह यात्रा निवेश की नई लहर लाएगी, जो लाखों नौकरियां पैदा करेगी।
जापान प्रवास के दौरान योगी आदित्यनाथ ने यमनाशानी प्रांत के राज्यपाल से भेंट की और उच्च गति रेल परियोजनाओं पर चर्चा की। जापान की उन्नत रेल प्रौद्योगिकी उत्तर प्रदेश के लिए वरदान साबित हो सकती है, खासकर मगलेव ट्रेन जैसी परियोजनाओं के लिए। उन्होंने वहां भारतीय समुदाय के साथ सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया और निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। जापान के निवेशक निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में रुचि दिखा रहे हैं। योगी ने जापानी कंपनियों को प्रदेश के विशाल बाजार और कुशल श्रमिकों के बारे में बताया।
इस दौरे से प्राप्त प्रतिबद्धताएं ऊर्जा, परिवहन और तकनीकी क्षेत्रों को मजबूत करेंगी। जापान जैसे देश से निवेश आने से प्रदेश का निर्यात बढ़ेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्तर प्रदेश की स्थिति मजबूत होगी। कुल मिलाकर, चार दिनों में हुई बैठकों ने दर्जनों संभावनाएं खोली हैं, जो राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगी।
इस यात्रा से उत्तर प्रदेश को निवेश के अलावा अन्य लाभ भी मिले। सिंगापुर से प्राप्त समझौते जल प्रबंधन में नई तकनीक लाएंगे, जो गंगा सफाई और नदी जोड़ परियोजनाओं को गति देंगे। कौशल विकास के क्षेत्र में साझेदारी से युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे बेरोजगारी कम होगी। जापान से उच्च गति परिवहन प्रौद्योगिकी हासिल होने से एक्सप्रेसवे और मेट्रो परियोजनाएं तेज होंगी।
योगी सरकार ने पहले ही निवेश नीतियों को सरल बनाया है, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार हुआ। प्रदेश अब निवेशकों का भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है, जहां भूमि बैंक, सस्ती बिजली और सुरक्षा का वातावरण उपलब्ध है। इस दौरे ने वैश्विक ब्रांडों का विश्वास बढ़ाया, जैसा कि वित्तीय वर्ष में सैकड़ों परियोजनाओं से स्पष्ट है। निवेश से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग लगेंगे, जिससे प्रवासन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा 2017 के म्यांमार दौरे के बाद पहली थी, जो दर्शाता है कि सरकार विदेशी निवेश पर कितना जोर दे रही है। सिंगापुर और जापान जैसे देशों से निवेश आने से प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद बढ़ेगा और एक ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य साकार होगा। निवेशकों ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की प्रशंसा की, जो योगी के शासन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यात्रा से लौटकर योगी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और प्राप्त प्रतिबद्धताओं को जमीन पर उतारने के निर्देश दिए। इन निवेशों से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में प्रगति होगी। लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, खासकर लखनऊ, नोएडा और वाराणसी जैसे शहरों में। ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगेंगी, जो किसानों की आय दोगुनी करेंगी। कुल 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गई यात्रा ने सभी क्षेत्रों को कवर किया।
इस दौरे की सफलता से उत्तर प्रदेश वैश्विक पटल पर चमकेगा। निवेश के अलावा सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जापान के राज्यपाल के साथ चर्चा से सांस्कृतिक केंद्र स्थापित हो सकते हैं। सिंगापुर की स्मार्ट सिटी तकनीक से प्रदेश के शहर आधुनिक बनेंगे। योगी ने निवेशकों को आश्वासन दिया कि सभी प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही होगी। यह यात्रा न केवल आर्थिक लाभ देगी, बल्कि राज्य की छवि को नया आयाम भी प्रदान करेगी। भविष्य में ऐसे और दौरे होंगे, जो प्रदेश को भारत का इंजन बनाएंगे।
निवेश से उद्योग धंधे लगेंगे, बाजार फूलेंगे और कल्याणकारी योजनाएं मजबूत होंगी। योगी आदित्यनाथ का विजन स्पष्ट है- विकसित उत्तर प्रदेश, जो विश्व गुरु भारत का आधार बने। इस दौरे ने सिद्ध कर दिया कि मेहनत और दूर दृष्टि से असंभव कुछ नहीं। प्रदेशवासी गर्व से कह सकते हैं कि उनका राज्य अब वैश्विक निवेश का केंद्र है।
