व्हाट्सएप सिम बाइंडिंग नियम 2026: बिना सिम चैटिंग बंद, DoT का सख्त आदेश
टेक डेस्क: भारतीय दूरसंचार विभाग (DoT) के सख्त निर्देश के बाद व्हाट्सएप ने अब सिम बाइंडिंग फीचर पर काम तेज कर दिया है। नवीनतम बीटा वर्जन में दिखा यह बदलाव यूजर्स के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि बिना एक्टिव सिम के ऐप इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा।

DoT का आदेश क्यों आया?
नवंबर 2025 में DoT ने टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स 2024 के तहत यह निर्देश जारी किया, जो व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे ऐप्स पर लागू होगा। समस्या यह थी कि सिम हटाने के बाद भी पुराने नंबर से ऐप चलता रहता, जिसका फायदा साइबर क्रिमिनल्स उठा रहे थे। COAI ने भी कहा कि इससे ट्रेसिबिलिटी बढ़ेगी और गलत इस्तेमाल रुकेगा।
सरकार का मानना है कि लगातार सिम वेरिफिकेशन से ऐप अकाउंट्स असली यूजर्स से जुड़े रहेंगे, खासकर +91 नंबर वाले। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने विरोध किया, कहा कि ट्रैवल या सिम डैमेज के समय दिक्कत होगी।

व्हाट्सएप कैसे लागू करेगा?
बीटा टेस्टर्स ने देखा कि ऐप पीरियोडिकली सिम चेक करेगा- हर 6 घंटे में वेब/कंप्यूटर पर तो लॉगआउट हो जाएगा। सिम न मिलने पर चैट हिस्ट्री बचेगी, लेकिन नई मैसेजेस रुक जाएंगी जब तक सिम वापस न लगे। यह फीचर अभी डेवलपमेंट स्टेज में है, जल्द स्टेबल वर्जन में आएगा।
मेटा ने 90 दिनों में इसे लागू करने का वादा किया है, रिपोर्ट 120 दिनों में सौंपनी है। टेलीकॉम ऑपरेटर्स इसका समर्थन कर रहे, लेकिन यूजर्स चिंतित हैं कि ड्यूल सिम या इंटरनेशनल रोमिंग में परेशानी होगी।
यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
अब तक सिम निकालकर वाई-फाई पर व्हाट्सएप चलाने वाले लोगों को रुकना पड़ेगा। कंप्यूटर या टैब पर लॉगिन 6 घंटे बाद खत्म, स्मार्टफोन में सिम जरूरी। साइबर सिक्योरिटी तो मजबूत होगी, लेकिन प्राइवेसी और सुविधा पर सवाल उठ रहे हैं।
