पारा शिक्षकों की न्याय यात्रा 25 से
On
आंदोलन का मुड
रांची: राज्य के करीब 65 हजार से अधिक पारा- शिक्षक झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का मुड बना चुके हैं और इसी के तहत ये सरकार पर दबाव बनाने के उदेश्य से 25 अगस्त को न्याय यात्रा निकालकर अपनी सेवा स्थायी करने की मांग करेंगे। पारा शिक्षक इस बाबत धरना भी देंगे।
गौरतलब है कि झारखंड में कार्यरत लगभग 65 हजार पारा शिक्षकों के स्थायीकरण में अब प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पेच फंस गया है। इस नीति के ड्राफ्ट में प्रावधान किया गया है कि वर्ष 2022 तक पारा शिक्षकों की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। पारा शिक्षकों के स्थायीकरण को लेकर नियमावली गठित कर रही झारखंड के भाजपा सरकार के समक्ष यह नया विषय आ गया है। आश्वासन के बावजूद नियमावली गठित होने में देरी पर पारा शिक्षकों ने एक बार फिर आंदोलन की घोषणा कर दी है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वर्ष 2022 तक पारा शिक्षकों की व्यवस्था ही खत्म करने की बात कही गई है। एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेता संजय दूबे का कहना है कि शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने 15 अगस्त 2019 तक पारा-शिक्षकों को तोहफा देने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस पर अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। शिक्षकों को कोई तोहफा नहीं मिला। ऐसे में उनके समक्ष आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है। इसी के तहत वे 25 अगस्त को सभी जिलों में न्याय यात्रा निकालेंगे। 5 सितंबर शिक्षक दिवस तक नियमावली गठित करने की दिशा में प्रयास नहीं होता है, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
गूगल न्यूज से जुड़ें... Follow करें
चैनल से जुड़ें 👉 Join Now
Edited By: Samridh Jharkhand
Tags:









