ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में झारखंड को बनाएंगे नंबर वन: रघुवर
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रोजगार सृजन कर राज्य से पलायन रोकना लक्ष्य
रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड को इज ऑफ डुइंग बिजनेस में देशभर में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है, लेकिन हमारा प्रयास होगा कि हर हाल में इसे नंबर वन बनाना। वे सोमवार को झारखंड मंत्रालय सभागार में आहूत उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि केवल कागजी तौर पर नहीं, बल्कि वास्तिवकता में लोगों को इसका अनुभव होना चाहिए। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेक इन इंडिया का उद्देश्य को पूरा कर हमें नया झारखंड व नया भारत का निर्माण करना है। सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार को दूर करने में सभी विभाग आईटी का अधिक से अधिक उपयोग करें। सभी कार्य को ऑनलाइन करने का प्रयास करें, ताकि आम जनता के बीच पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि अधिकारी अफसरशाही छोड़े। हम जनता के सेवक हैं, इस भावना के साथ काम करें। व्यवस्था ऐसी बने, कि लोगों को विभागों का चक्कर न काटना पड़े, बल्कि ऑनलाइन सारे काम आसानी से हो। इस बाबत कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी काम को उलझाये नहीं। समस्या नहीं समाधान पर जोर दें। पूराने ढर्रे पर न चलते हुए नये भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। व्यापारी- उद्यमी हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। वे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। राज्य में रोजगार पैदा होने से पलायन जैसा कलंक झारखंड से मिटेगा। यही हमारी सरकार का पहला लक्ष्य है। कहा कि हम सबों को यह भी प्रयास करना है, कि सरकारी मशीनरी और निवेशक मिलकर इस कार्य को आगे बढ़ाएं। अपने देश को विश्व में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए टॉप फिफ्टी में लाकर एक अच्छा उदाहरण बनकर झारखंड को आगे ले जाएं। रघुवर दास ने कहा कि शासन और जनता के बीच कोई खाई नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें। अधिकारी नए- नए इनोवेशन क्रिएट करें, जिससे योजनाओं को लागू करने में आसानी हो सके।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में निवेश करने वाले इच्छुक निवेशको एवं उद्योगपतियों को शुरुआत से ही प्रत्येक स्तर पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है। इस बाबत विगत चार साल से भी कम समय में हमारी नीतियों से प्रेरित होकर राज्य में टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग इत्यादि कई उद्योग स्थापित हुए हैं। 2016 से अब तक जियाडा ने 430 उद्योगों को भूमि उपलब्ध कराया है, जिससे प्रत्यक्ष रूप से 60,778 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। सीएम ने कहा कि झारखंड की धरती को प्राकृतिक की असीम अनुकंपा प्राप्त है, देश की 40 प्रतिशत प्राकृतिक संसाधन हमारे यहां उपलब्ध है। रोजगार के प्रतिशत को बढ़ाना सरकार का मकसद है। कहा कि राज्य में उद्योग का स्थापना होगा तभी राज्य से गरीबी पूर्ण रूप से दूर होगी और पलायन भी रुकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार राज्य की रैंकिंग के लिए भी उद्योगों के आधार पर पूछा जाएगा कि कितनी सरलता से आपने निवेशकों को लाइसेंस या अनापति दिया है। राज्य के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पोर्टल पर सही और उचित जानकारी उपलब्ध है या नहीं। जितने नंबर उद्योग आपको देगी राज्य को भी इसी आधार पर अंक प्राप्त होगें। कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का मकसद है कि निवेशकों को एक ही खिड़की पर सारी सुविधाएं उपलब्ध करें। विभागों की सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध करना, ऑनलाइन फीस जमा करना, तय समय सीमा के भीतर सेवाएं देना, उद्योगों से संबंधित मामलों का निस्तारण करने के लिए अलग से वाणिज्यकीय विवाद न्यायालय का गठन, श्रम कानूनों को सरल बनाना, पर्यावरण क्लीयरेंस आदि तमाम सुविधाओं पर विश्व बैंक सर्वे करेगी और उसी आधार पर रैंकिंग दिया जाएगा। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार, उद्योग सचिव के रवि कुमार संबंघित विभाग के सचिव, निदेशक उद्योग, राज्य सरकार के अन्य विभागों के आला अधिकारी, सभी जिलों के सर्विस प्रोवाइडर एवं फील्ड ऑफिसर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सारी व्यवस्था ऑनलाइन हो: सीएस
मुख्य सचिव ने कहां कि अधिकारी निवेशकों के साथ ऐसा व्यवहार करें जैसा वे अपने परिवार के साथ करते हैं। उन्होंने कहा कि सारी व्यवस्था ऑनलाइन हो कोई भी कार्य ऑफलाइन नहीं स्वीकार की जाएगी। मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि सभी विभाग और कार्यालय प्रत्येक सोमवार सुबह 10:30 बजे अपनी आंतरिक समीक्षा बैठक करें। जो अधिकारी दायित्वों का निर्वहन समय सापेक्ष नहीं कर रहे उनके वार्षिक कार्य प्रतिवेदन में प्रतिकूल प्रविष्टि की जाए।
मिला सम्मान
मुख्यमंत्री ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों में ऊर्जा विभाग के मुख्य अभियंता बिजय कुमार सिन्हा, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कृष्णचंद्र चौधरी, उत्पाद विभाग के गजेंद्र कुमार सिंह, गृह कारा, अग्निशमन सेवा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सुधीर कुमार वर्मा, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के साहब सिद्दीकी एवं झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के सुनील कुमार सिंह को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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