जामताड़ा: किसान आत्महत्या करेगा तो सरकार की खैर नहीं: इरफान
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जामताड़ा: विधायक डॉ इरफान अंसारी ने गोलपहाड़ी के मांझीडीह पहुंचकर किसानों द्वारा आयोजित चौपाल में भाग लिया। उन्होंने कहा कि जामताड़ा में सुखाड़ के कारण एक भी किसान ने आत्महत्या की तो सरकार की खैर नहीं। जामताड़ा सूबा का सबसे उपयुक्त कृषि प्रधान जिला है व यहां के लोग कृषि पर ही अपना परिवार सहित जीवन यापन करते हैं, लेकिन जिले में औसत से भी कम वर्षा होने के कारण किसानों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने कहा कि किसानों द्वारा कुछ धान के बीज खेतों में डाले गए हैं, जो पानी के अभाव में झुलस रहे हैं। एक कहावत है कि आषाढ़ में किसान चुक गया तो फिर उसे किसानी सवारना मुश्किल पड़ जाता है। खेती के लिहाज से यह महीना अहम है। हल्की बूंदाबांदी को छोड़ दिया जाए, तो अभी तक मानसून की झमाझम बारिश नहीं हुई। जामताड़ा में ये ज्यादा अहम है, क्योंकि यहां जरूरत के हिसाब से किसानों के पास सिचाई संसाधनों की उपलब्धता नहीं है। मुख्य व्यवसाय कृषि आधारित है। जानकार कहते हैं कि कृषि का सिस्टम बिगड़ा तो अन्नदाताओं के आर्थिक ढांचे पर इसका गहरा असर पड़ता है। पिछले कई ऐसे साल गुजरे जिनमें पर्याप्त बारिश न होने से इसका खामियाजा किसानों को भुगतना भी पड़ा है।
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डाॅ इरफान ने कहा कि सरकार किसानों को लेकर गंभीर नहीं है। राज का किसान आत्महत्या कर रहा है परंतु सरकार मौन है। सरकार के पास कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है कि आखिर किसानों को कैसे राहत पहुंचाई जाये। सरकार सिर्फ शौचालय और पुराने गैस बांटने में व्यस्त है। मैं पूछना चाहता हूं सरकार से कि जब फसल ही नहीं उपजेगा तो गैस चूल्हा में क्या पकाएंगे ? इस सरकार के पास कोई विजन नहीं है। जब हमें पहले से ही पता है कि इस वर्ष बारिश कम होगी तो सरकार ने कोई व्यवस्था क्यों नहीं किया ? कहा कि अगर हमारे एक भी किसान ने आत्महत्या की तो जिम्मेदार राज्य सरकार होगी। मौके पर गोमस्त बसकी प्रदीप बास्की शिवधन मरांडी सहेबलाल मुर्मू वीरूताल किस्कु शिवलाल किस्कु क्लेस्वर मरांडी बलाई हेंब्रम राजू हाड़ी दिलिप हाड़ी धनपति बास्की सनातन बास्की बिमल मरांडी नरेश हेंब्रम परिमल मंडल सहित अन्य उपस्थित थे।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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