उज्ज्वला के 32 लाख परिवारों को मुफ्त मिलेगा दूसरा सिलिंडर
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कैबिनेट में रघुवर सरकार का बड़ा फैसला
19 प्रस्तावों को मंजूरी
रांची: विधानसभा की आहट तेज होने लगी है और सरकार अंतिम समय में ऐसी कोई भी कोर- कसर बाकी नहीं रखना चाहती, जिसका खामियाजा उसे चुनावी परिणाम में झेलना पड़े। इसी कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट मेें बिजली, शिक्षा व सड़क सहित कई मामलों पर कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। सरकार ने एक ओर उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 32 लाख परिवारों को मुफ्त दूसरा सिलिंडर देने के फैसले पर मुहर लगा दी है, वहीं दूसरा एक और मास्टर स्ट्रोक मार दिया है। इसके तहत सरकार ने सभी राशन कार्ड धारियों को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना व मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का लाभ देने का लोकलुभावन फैसला किया है। आखिरी पड़ाव के काल से गुजर रही विधानसभा में अब बगैर डीसी बिल के भी विधायक फंड की निकासी हो सकेगी।
कैबिनेट के फैसले के तहत प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभुकों को वर्ष 2019-20 में दूसरा रिफिल भी सरकार मुफ्त देगी। 31.5 लाख से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। जिनके पास छोटा सिलिंडर (5 किलो) है उन्हें दो रिफिल मिलेंगे व बड़ा सिलिंडर (14.2 किलो) वालों को एक सिलिंडर दिया जाएगा। इसके अलावे ग्वाला (मुस्लिम) को सूची 2 में गद्दी जाति के साथ रखा गया है। डीएमएफटी के अंतर्गज 385 करोड़ की जलापूर्ति योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। कैबिनेट सेक्रेटरी अजय कुमार सिंह ने बताया कि निर्वाचन कार्य के दौरान तैनात कर्मियों को नक्सली या उग्रवादी हिंसात्मक दुर्घटनाओं के शिकार होने पर मिलने वाली अनुदान अथवा क्षतिपूर्ति अनुदान की राशि का भी संशोधन किया गया है।
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बताया कि इसके तहत ड्यूटी पर तैनात कर्मी की मौत होने पर 15 लाख का मुआवजा और उग्रवादी और असामाजिक तत्वों के द्वारा सशस्त्र हमलों के दौरान मौत होने पर दुगना यानी कि 30 लाख रूपए मुआवजा दी जाएगी। स्थाई विकलांगता को लेकर भी अलग- अलग कैटेगरी तय किये गये हैं, इसके अंतर्गत 5 फीसदी से लेकर 100 फीसदी के बीच अलग- अलग विकलांगता पर 75 हजार से 7.5 लाख रुपये देने पर भी कैबिनेट ने सहमति दी है। उग्रवादी हमलों के कारण हुई विकलांगता की स्थिति में राशि दोगुनी हो जाएगी। कैबिनेट सचिव ने बताया कि स्टेट कैबिनेट ने कंबल वितरण योजना को अब श्रम विभाग से महिला एवं सामाजिक कल्याण विभाग में ट्रांसफर कर दिया है। कहा कि कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णयों में हर जिले में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 84 के तहत उनसे जुड़े वादों के निपटारे के लिए स्पेशल कोर्ट का पावर दिया गया है। राज्य वित्त आयोग के कार्यालय में 15 पदों के अवधि विस्तार पर भी स्वीकृति दी गई है और यह अवधि विस्तार 31 मार्च 2020 तक के लिए होगा।
बैठक के बाद खाद्य आपूर्ति एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने बताया कि उज्जवला योजना के लाभुकों के गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग सरकार करवाएगी, लेकिन रिफिलिंग के लिए शुरू में लाभुक को अपने जेब से पैसे देने होंगे। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर रिफिल का पैसा लाभुक को देना होगा और उसे बाद तेल कंपनियां उनके खाते में डीबीटी करेंगी। ये पैसा सरकार उन तेल कंपनियों को देगी। उन्होंने बताया कि यह योजना वित्त वर्ष 2019-20 के लिए लागू की गई है, जिसमें 150 करोड़ रुपए खर्च होने की उम्मीद है। कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि यह आंकड़ा 43 लाख तक जाएगा। सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार से 30 लाख रुपए लाभुकों के लिए स्वीकृति ली गई है। कहा कि योजना के तहत शुरुआत में 14.2 किलोग्राम का सिलिंडर लाभुक को दिया गया है व दोबारा रिफिलिंग के तहत 5 किलोग्राम के छोटे सिलिंडर का ऑप्शन का भी लाभ उठा सकते हैं। ऐसे में लाभुक को दो रिफिलिंग का भी लाभ मिलेगा।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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