14वें वित्त आयोग की राशि का पाई- पाई ग्रामीणों का: मुख्यमंत्री
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- लापरवाही- कोताही बर्दाश्त नहीं होगी
- 30 सितंबर तक स्ट्रीट लाइट, टंकी व पाइप लाइन के माध्यम से पानी व पेभर ब्लॉक लगाने का काम हर हाल में पूरा हो
रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा पंचायती राज अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आगामी 30 सिंतबर तक हर हाल में 30 सितंबर तक स्ट्रीट लाइट, टंकी व पाइप लाइन के माध्यम से पानी व पेभर ब्लॉक लगाने का काम पूरा हो जाना चाहिए, क्योंकि ग्राम सभा से इसका अनुमोदन कराया जा चुका है। कहा कि इस बाबत किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी व टारगेट पूरा नहीं करनेवालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि 14वें वित्त आयोग की राशि पर हर ग्रामीण का अधिकार है।
सीएम ने कहा कि पंचायती राज अधिकारी सहित निर्वाचित जन प्रतिनिधि को इसे हर हाल में पूरा करा लेना होगा। वे आज झारखंड मंत्रालय में ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। सीएम ने कहा कि गांव में स्ट्रीट लाइट लगने से ग्रामीणों को देर तक आवागमन सहित व्यापार करने में सहुलियत होगी। इसके अलावे महिलाएं भी सुरक्षित महसूस करेंगी। कहा कि टंकी के माध्यम से पानी मिल जाने से रोज मर्रा के कार्यों के लिए पानी लाने दूर नहीं जाना होगा व पेबर ब्लॉक लगने से गांव की गलियां साफ- सुथरी दिखेंगी। इसके अलावे बरसात का पानी भी रिचार्ज हो पाएगा। उन्होंने प्रखंडवार बैठक कर लोगों को जल प्रबंधन के प्रति जागरुक करने का निर्देश भी दिया। सरकार द्वारा दिये जा रहे 5 लाख रूपये की राशि को ट्रेंच, चेक डैम आदि बनाकर जल संचयन की जानकारी दें। इस बाबत यथाशीघ्र आंकलन कराकर कार्य शुरू करें। ताकि बरसात का पानी बहने से रोका जा सके।
इसके अलावे बैठक में और भी विकास योजनाओं पर समीक्षा करने के साथ निर्देश दिये गये। इस मौके पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, ग्रामीण कार्य मामले की सचिव आराधना पटनायक, पंचायती राज सचिव प्रवीण टोप्पो, राज्य मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी, सीईओ जेएसएलपीएस परितोष उपाध्याय सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
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ग्रामीण सड़कों पर खर्च होंगे 4 हजार करोड़
ग्रामीण पथ- पुलिया बनाने व उनके सुदृढ़ीकरण में इस वर्ष करीबन 4 हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 600 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। इस राशि का बड़ा हिस्सा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में घुमेगा, जिससे गांव सुदृढ़ होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात समाप्त होते ही सितंबर से कार्य शुरू हो जाजें, इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पहले ही पूर्ण कर लें। सारे कार्यों के पूर्ण होने का समय निर्धारित कर लगातार उसकी मॉनिटरिंग करते हुए काम पूरा करायें। गांवों को जोड़नेवाले छोटे- छोटे पूलों को प्राथमिकता दें। इस मसले पर विभागीय सचिव अराधना पटनायक ने अब तक हुये कार्यों की जानकारी दी।
10 अक्टूबर तक आवास निर्माण का काम पूरा हो
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 10 अक्टूबर 2019 तक प्रधानमंत्री आवास एवं डॉ भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत बनने वाले सभी आवास निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए। इस बाबत ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अविनाश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लक्ष्य के विरुद्ध 86 प्रतिशत आवास निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 5 लाख 28 हजार 791 आवासों का निर्माण का लक्ष्य था, जिसमें से 4 लाख 53 हजार 770 आवास निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है।
उपायुक्तों स्वीकृत करेंगे 250 आवास
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के उपायुक्तों को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत 250- 250 आवास वैसे गरीबों को स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला हो अथवा वे लोग सूची में शामिल नहीं हो। इस बात राज्यभर में 19 हजार आवास का निर्माण कराने का लक्ष्य था, जिसमें 7378 आवास का निर्माण पूर्ण हो चुका है। योजना के अंतर्गत 11622 आवासों का निर्माण 10 अक्टूबर 2019 तक पूरा कर लिये जाने का लक्ष्य है।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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