उठ रहे सवालों के बीच रंजन गोगोई बोले – शपथ ग्रहण के बाद बताऊंगा क्यों ली राज्यसभा सदस्यता
नयी दिल्ली : भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राज्यसभा सदस्य नामित करने पर विवाद उत्पन्न हो गया है. इस पर हर ओर से उठाये जा रहे सवालों के बीच आज रंजन गोगोई ने कहा कि मैं शायद कल दिल्ली जाऊंगा. पहले मुझे शपथ लेने दीजिए फिर मैं विस्तार से मीडिया से बात करूंगा कि मैं क्यों राज्यसभा जा रहा हूं. उन्होंने आज इस पर कुछ भी बोलने से इनकार किया.
Former Chief Justice of India, Ranjan Gogoi: I’ll go to Delhi probably tomorrow. Let me first take the oath then I will speak in detail to the media that why I accepted this and why I am going to Rajya Sabha. (file pic)
He has been nominated to Rajya Sabha by President Kovind. pic.twitter.com/aqRxtDtykl— ANI (@ANI) March 17, 2020
देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश रहे रंजन गोगोई तीन महीने पहले ही पद से रिटायर हुए हैं. उनकी नियुक्ति पर कांग्रेस सहित कई पक्षों ने सवाल उठाया है. कांग्रेस ने नियुक्ति की टाइमिंग पर सवाल उठाया और कहा कि हमारे लिए जस्टिस रंगनाथ मिश्र का उदाहरण दिया जा रहा है जबकि उन्हें पद से मुक्त होेने के छह साल बाद राज्यसभा भेजा गया था. कांग्रेस ने दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली के उस बयान को भी याद दिलाया है कि जिसमें उन्होंने कहा था कि पद पर रहते हुए जजों द्वारा दिये गए फैसले रिटायरमेंट के बाद उनकी नियुक्ति के लिए प्रेरक का काम करते हैं और इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित होती है.
रंजन गोगोई ने अयोध्या मामले, राफेल डील, मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को आरटीआइ दायरे में लाने सहित कई अहम मामलों में फैसला दिया है. वे उन चार जजों में शामिल रहे हैं जिन्होंने मुख्य न्यायाधीश के कार्यप्रणाली को लेकर प्रेस कान्फ्रेंस किया था. उन पर यौन उत्पीड़न के भी आरोप लगे.




