विश्व कप फाइनल खेलना हमारा सपना, इतिहास रचना चाहती है टीम: सलीमा टेटे
पहली बार विश्व कप में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगी सलीमा टेटे
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 से पहले बड़ा लक्ष्य तय करते हुए कहा है कि टीम सिर्फ अच्छा प्रदर्शन नहीं, बल्कि फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचना चाहती है।
नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने कहा है कि एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में टीम का लक्ष्य सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि फाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचना है। उन्होंने कहा कि एफआईएच नेशंस कप का खिताब जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और सभी खिलाड़ी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित होने वाले महिला हॉकी विश्व कप में भारत को पूल-डी में चीन, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगा।
पहली बार विश्व कप में कप्तानी करेंगी सलीमा


टीम की सबसे बड़ी ताकत है आपसी संवाद
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलन पर सलीमा ने कहा, "इस टीम की सबसे बड़ी ताकत आपसी संवाद है। युवा खिलाड़ी वरिष्ठ खिलाड़ियों से सलाह लेने में कभी संकोच नहीं करते और अनुभवी खिलाड़ी भी हमेशा उनका मार्गदर्शन करने के लिए तैयार रहते हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं चाहती हूं कि हर खिलाड़ी खुलकर अपनी बात रखे। हमें एक-दूसरे को सुनना, सीखना और एकजुट रहना होगा। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के बीच मजबूत तालमेल बेहद जरूरी होता है। जब हम एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं और अच्छी तरह संवाद करते हैं, तो दबाव का सामना करना आसान हो जाता है।"
दबाव को चुनौती की तरह लेना होगा
विश्व कप की चुनौती पर सलीमा ने कहा, "हर विश्व कप अलग होता है, क्योंकि यहां दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों का सामना करना पड़ता है। हमारे पूल में भी मजबूत टीमें हैं और हर मैच में हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा।"
उन्होंने कहा, "हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती दबाव को बोझ नहीं, बल्कि सकारात्मक रूप से स्वीकार करना है। हमने अच्छी तैयारी की है। अब जरूरत खुद पर भरोसा रखने और अपनी रणनीति पर अमल करने की है। यदि हम मानसिक रूप से मजबूत रहे और एक-दूसरे का साथ दिया, तो हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।"
पहले मैच में चीन से भिड़ंत पर सलीमा ने कहा, "हम इस चुनौती के लिए तैयार हैं। पिछली बार क्या हुआ था, यह अलग बात है। यह नया टूर्नामेंट है और हमारे पास खुद को साबित करने का नया मौका है।"
उन्होंने कहा, "मेरा संदेश टीम के लिए बिल्कुल स्पष्ट होगा—आत्मविश्वास और जुझारूपन के साथ खेलो। हमें विरोधी टीम के अनुसार अपना खेल नहीं बदलना है, बल्कि अपनी शैली में खेलते हुए उन्हें हमारे अनुसार खेलने के लिए मजबूर करना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतिम सेकंड तक लड़ाई जारी रखनी है। यदि हम ऐसा कर पाए, तो मनचाहा परिणाम हासिल कर सकते हैं।"
युवा खिलाड़ियों को दिया खास संदेश
युवा खिलाड़ियों के लिए सलीमा ने कहा, "मैंने उनसे कहा है कि अपनी मेहनत पर भरोसा रखें। उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर टीम में जगह बनाई है, इसलिए विश्व कप का अतिरिक्त दबाव लेने की जरूरत नहीं है। खुलकर खेलें और खुद को अभिव्यक्त करें।"
उन्होंने आगे कहा, "गलतियां खेल का हिस्सा हैं। वरिष्ठ खिलाड़ी भी गलतियां करते हैं। सबसे जरूरी बात सही सोच, आत्मविश्वास और अपनी ताकत के अनुसार खेलना है। यदि वे इस मौके का आनंद लेंगे और खुद पर भरोसा रखेंगे, तो निश्चित रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।"
देश के लिए खेलना सबसे बड़ी प्रेरणा
टीम की प्रेरणा पर सलीमा ने कहा, "भारत का प्रतिनिधित्व करना ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। जब भी हम भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर उतरते हैं, तो यह गर्व का क्षण होता है।"
उन्होंने कहा, "मैच से पहले हम हमेशा सकारात्मक माहौल बनाए रखने की कोशिश करते हैं और खुद को याद दिलाते हैं कि हम एक टीम हैं और हमें एक-दूसरे के लिए लड़ना है। हमारे कोच भी हमेशा यही कहते हैं कि खुद पर विश्वास रखो और वही हॉकी खेलो, जो तुम जानते हो। उनका हम पर भरोसा ही हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देता है। जब हम अपनी तैयारी पर भरोसा रखते हैं और एकजुट रहते हैं, तो हम किसी भी टीम को चुनौती दे सकते हैं।"
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


