झारखंड में निवेश की अपार संभावनाएं : राज्यपाल
रांची : झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राज्य में निवेश की अपार संभावनाएं है और अब समय आ चुका है कि बिजनेस लीडर एवं उद्यमी को आगे आकर इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। श्रीमती मुर्मू वाणिज्य एवं उद्योग संगठन एसोचैम के लीडरशिप एक्सलेंस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में निवेश की अपार संभावनाएं है और अब समय आ चुका है कि बिजनेस लीडर एवं उद्यमी को आगे आकर इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों और व्यवसायियों को हर संभव समर्थन देने के लिए तैयार है, जिससे कि व्यवसायों के साथ ही राज्य का भी संपूर्ण और समुचित विकास हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि उत्कृष्ट नेतृत्व करनेवालों, चाहे वे किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हो, के पास दूरदर्शिता, हिम्मत, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और विनम्रता होनी चाहिये। साथ ही उनके पास सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक योजना बनाने और उन्हें अपनी टीम के साथ मिलकर क्रियान्वयन करने की विशेष क्षमता रखनी चाहिये। श्रीमती द्रौपदी ने कहा कि उनकी दृष्टि में अच्छे बिजनेस लीडर वे हैं, जो नवाचारी विचार रखें और अन्य को भी दें, भविष्य की चुनौतियों को समझें और अपने साथ काम करने वालों का सही और उचित उपयोग करें।
उन्होंने कहा अच्छा बिजनेस लीडर अपने आस-पास ऐसा माहौल बनाता है, जिसका लाभ संगठन के सभी लोगों को मिलता है। उनमें अपनी टीम को साथ लेकर चलने की भावना होनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि जीवन और व्यवसाय में कुछ भी निश्चित नहीं होता। हर प्रतिबद्धता और कार्य के साथ एक जोखिम जुड़ा होता है। जब दूरद्रष्टा और साहस की बात की जाती है तो उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए जरूरी दो अन्य महत्वपूर्ण गुण जो की ईमानदारी और विनम्रता है, को कम कर के नहीं आंकना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई नेतृत्व तभी महान हो सकता है जब वह खुद के साथ और अपनी टीम के साथ ईमानदार रहे और विनम्रता के साथ व्यवहार करे। श्रीमती मुर्मू ने कहा कि अच्छे नेतृत्वकर्ता में एक मजबूत व्यवस्थापक और प्रबंधक का भी गुण होना चाहिये। साथ ही विनम्र और विनयशील हो। अच्छे लीडर के पास भविष्य में व्यवसाय की दिशा और दशा का यथार्थता के साथ पूवार्नुमान करने की क्षमता होती है। अच्छे ठनेपदमे स्मंकमत सदैव एक सकारात्मक सोच बनाए रखते हैं, भले ही परिस्थितियां कैसी भी हो। वह हमेशा अपनी सफलताओं/असफलताओं से प्रेरणा लेते हैं और अपनी विफलताओं से हताश नहीं होते।
राज्यपाल ने कहा, मैं यहां अपने युवा बिजनेस लीडर से कहना चाहूेगी कि वे विफलताओं और विपत्तियों के बीच सफलता प्राप्त करने हेतु अग्रसर रहें। आगे आकर दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। उनके कार्यों का प्रभाव उनके कार्य क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिये। उनके कार्यों से व्यवसाय और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखने चाहिये। वे सामाजिक कार्यों में सक्रियता से भाग लें। समाजसेवा में सतत सक्रिय रहें। इस समाज को उनसे बहुत अपेक्षायें हैं।









