टीम के सदस्यों ने गांव पहुँच दी कानून की जानकारी
झारखंड धाम(गिरिडीह): प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवनारायण सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवाएँ प्राधिकार गिरिडीह के तत्वावधान में आयोजित सौ दिवसीय न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जमुआ टीम के सदस्य व पैनल अधिवक्ता द्वारा जमुआ प्रखंड के तारा पंचायत के तारा , बराटांड आदि गांवों में पहुँच लोगों को विधिक सेवा आपके द्वार कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से मिलकर कानून की जानकारी दी। मौके पर पैनल अधिवक्ता गौरव राज गौरव ने लोगों को 18 वर्ष से कम उम्र में लडकी व 21 वर्ष से कम उम्र में लड़का का शादी करना कानून के नजर में बाल विवाह है। ऐसे विवाह को कानून मान्यता नहीं देती है। अगर कोई व्यक्ति अपने लडके का विवाह 21 वर्ष व लड़की का विवाह 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करता है तो वह कानूनन जूर्म है । यहां तक कि विवाह में शामिल होने वाले सगे सबंधी , बैण्ड बाजे वाले , शादी कराने वाले पुरोहित , यहाँ तक कि विवाह में शामिल होने वाले हर लोग कानून के नजर में दोषी होते हैं। अगर लडका या लडकी कोई एक भी अगर न्यायालय में पहुँच विवाह के बंधन को तोडने का गुहार लगाता है तो वह विवाह अमान्य हो जाएगा। वहीं टीम के सदस्यों द्वारा ग्रामीणों को किसी भी छोटे विवाद के निष्पादन कराने के लिए तारा पंचायत सचिवालय में संचालित ग्रामीण विधिक सहायता केंद्र में आवेदन दे सकते हैं। डालसा द्वारा पंचायत के ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र की स्थापना की गयी है। मौके पर पीएलवी रघुनंदन कुमार मेहता , कामेश्वर कुमार , कुमारी रूबी, रंजना सिन्हा , हीरा देवी , सहदेव साव , सुबोध साव , मुकेश बर्मा , नेमचंद बर्मा , महेन्द्र बर्मा शामिल थे।
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