कानून बनाना होगा वरना, विधानसभा का घेराव किया जाएगा
रांची । रविवार को अभिभावक संघर्ष समिति की सभा कडरू चिल्ड्रेन्स पार्क में की गयी। सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अमृतेश पाठक ने कहा कि सरकारी स्कूलों की बदहाली घटिया शिक्षा व्यवस्था ने हमें मजबूरी में निजी स्कूलों के हाथों लूटने के लिए छोड़ दिया है। निजी स्कूलों ने हमारे मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाने तरीके से पैसा कमाने का जरिया बना लिया है। मजबूरी में निजी स्कूलों के अभिभावकों को किताब, कापी, ड्रेस आदि भी स्कूल के अंदर ही लेना पड़ता है। लेकिन जनप्रतिनिधि और प्रशासन को इसकी कोई परवाह नहीं है। क्योंकि सभी नेता, मंत्री और अधिकारियों को कोई असुविधा नहीं होती। बीच में मध्य, निम्न मध्य और गरीब परिवार के बच्चे मारे जाते हैं। पाठक ने कहा कि सरकार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में निजी स्कूलों की मनमानी और शोषण तथा फीस के निर्धारण के लिए कानून बनाना होगा नहीं, तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा। निजी स्कूलों में पिछले सात सालों से गरीब और वंचित तबके के लोगों के बच्चों का नामांकन मे सरकार और निजी स्कूलों ने जान बूझकर लापरवाही बरती है। जिससे हजारों जरूरत मंद बच्चों को गुणात्मक शिक्षा के अधिकार से वंचित होना पड़ा। सरकार को इसकी जांच करना होगा। नहीं तो मामला कोर्ट में जाएगा। सभा के दौरान ही सैकड़ों गरीब परिवार के बच्चों की सूची तैयार की गयी। जिसे डीएससी को नामांकन सुनिश्चित करने के लिए सौंपा जाएगा। सभा को वरीय सदस्य किशोर महापात्रा, विरेन्द्र प्रसाद, संजय चौधरी, रोमूला वसंती तिग्गा, रीना किस्पोटा, पूनम होरो, मुकेश खत्री एवं कौशल किशोर ने भी संबोधित किया। सभा में रांची के सभी क्षेत्रों से भारी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति हुई।









