दुमका: छह माओवादियों ने किया सरेंडर
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चार एसपी बलिहार हत्याकांड में रहे हैं शामिल
सरकारी पाॅलेसी के तहत सभी को एक-एक लाख
रांची/दुमका: पुलिस के बढ़ते दबाव समेत प्रदेश की सरेंडर नीतियों से प्रभावित होकर 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली व सब जोनल कमांडर पीसी दी उर्फ प्रिसिला उर्फ सावड़ी देवी समेत किरण उर्फ पक्कू समेत छह हार्डकोर नक्सलियों ने सोमवार को डीआईजी राजकुमार लकड़ा के समक्ष सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में शामिल पक्कू, पूर्व नक्सली ताला दा की पत्नी है। इसके विरुद्ध 16 मुकदमे दर्ज हैं। पीसी दी के पति सुखलाल देहरी ने पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए हैं। इन नक्सलियों ने एके 47 व कारबाइन सहित कई हथियार भी पुलिस को सौंप दिये हैं।
सर्मपण करने वाले सभी नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) से जुड़े थे व अपने- अपने परिजनों के माध्यम से आवेदन दिया था कि वे आत्मसर्पण करना चाहते हैं। गौरतलब है कि सरकार व पुलिस द्वारा माओवादियों को मुख्यधारा से जुड़ने का दबाव लगातार बनाया जा रहा है। सरेंडर करने वालों में तीन महिला व तीन पुरूष नक्सली शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली दुमका एवं संताल परगना के अन्य जिलों में सक्रिय रहे हैं। ये सबजोनल कमांडर ताला दा उर्फ सहदेव राय (13 जनवरी 2019 को मुठभेड़ में मारा गया) के दस्ता के साथ क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। सुखलाल देहरी एवं प्रेमशीला देवी को छोड़कर अन्य सभी नक्सली दो जुलाई 2013 को काठीकुंड थाना क्षेत्र में पाकुड़ के एसपी शहीद अमरजीत बलिहार हत्याकांड में शामिल रहे हैं। इनके खिलाफ दुमका में कई मामले दर्ज हैं।
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नक्सलियों में सबजोनल कमांडर पांच लाख इनामी पीसी दी (एके 47 के साथ), एक लाख इनामी सिधो मरांडी (इंसास रायफल के साथ), सबजोनल कमांडर किरण दी (कार्बाइन के साथ), एक लाख इनामी प्रेमशिला देवी, सुखलाल देहरी (पिस्तौल के साथ), भगत सिंह किस्कू ने (रायफल के साथ) सरेंडर किया है। बताते चलें कि इस साल कुल 10 नक्सलियों ने अब तक सरेंडर किया है। सरेंडर के समय संताल परगना क्षेत्र के पुलिस उप- महानिरीक्षक, एसएसबी के डीआईजी, दुमका के एसपी, दुमका विजयपुर स्थित एसएसबी 35वीं वाहिनी कैंप के कमांडेंट, दुमका अपर पुलिस अधीक्षक अभियान एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। सरेंडर करनेवाले नक्सलियों को राज्य सरकार की पाॅलिसी के तहत एक- एक लाख रुपये तत्काल दे दिये गये। इसके अलावा नक्सलियों के खिलाफ लंबित अपराधिक मामलों में मुकदमा लड़ने के लिए सरकार की ओर से निःशुल्क अधिवक्ता की व्यवस्था की जाएगी।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली: सुखलाल देहरी उर्फ कंदरा देहरी, निवासी- काठीकुंड, दुमका। पीसी दी उर्फ प्रीशिला देवी उर्फ सावड़ी सिंह, निवासी- काठीकुंड, दुमका। प्रेमशीला उर्फ होपन, निवासी- शिकारीपाड़ा, दुमका। किरण टुडू उर्फ पक्कू टुडू उर्फ उषा उर्फ फुलीन टुडू, निवासी- पाकुड़िया, पाकुड़। भगत सिंह उर्फ भगत सिंह हेम्ब्रम उर्फ बाबूराम हेम्ब्रम, निवासी- शिकारीपाड़ा, दुमका। सिद्धो मरांडी उर्फ कन्हू, निवासी- शिकारीपाड़ा, दुमका।
इनमें से चार इनामी: पीसी दी – 5 लाख रुपए की इनामी। किरण टुडू 5 लाख रुपए की इनामी। सिद्धो मरांडी 1 लाख रुपए का इनामी। प्रेमशीला उर्फ होपन 1 लाख रुपए की इनामी।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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