हिंदी साहित्य
साहित्य 

लोकार्पण: जब साहित्य औपचारिकता के 'समोसे' में खो गया....

लोकार्पण: जब साहित्य औपचारिकता के 'समोसे' में खो गया.... यह व्यंग्यात्मक आलेख आज के साहित्यिक लोकार्पण समारोहों की बदलती तस्वीर को सामने लाता है। लेखक ने दिखाया है कि कैसे किताबों का विमोचन अब साहित्यिक विमर्श से अधिक दिखावे, औपचारिकता, सोशल मीडिया प्रचार और चाय-समोसे के आयोजनों तक सीमित होता जा रहा है।
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आर्टिकल 

बढ़ते कॉकरोच को कैसे खत्म करें? 

बढ़ते कॉकरोच को कैसे खत्म करें?  ओम प्रकाश प्रीत "सोनू" का यह व्यंग्य लेख कॉकरोचों को खत्म करने की साधारण घरेलू समस्या से शुरू होकर भारतीय राजनीति के जटिल समीकरणों तक पहुंचता है।
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आर्टिकल  स्टोरी  

बशीर बद्र: वो शायर जो हमारे टूटे दिल की बोली बोल गया

बशीर बद्र: वो शायर जो हमारे टूटे दिल की बोली बोल गया उर्दू शायरी के मशहूर शायर बशीर बद्र ने अपनी सरल, संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली ग़ज़लों से करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई। उनकी शायरी मोहब्बत, रिश्तों, यादों और इंसानियत की गहरी समझ को बयां करती है।
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समाचार  राज्य  राष्ट्रीय  साहिबगंज  झारखण्ड 

सात समंदर पार बंधी काव्य की डोर: साहिबगंज से सऊदी तक गूंजा 'वंडरफुल वर्ल्ड ऑफ पोएट्स' का तराना

सात समंदर पार बंधी काव्य की डोर: साहिबगंज से सऊदी तक गूंजा 'वंडरफुल वर्ल्ड ऑफ पोएट्स' का तराना लखनऊ के साहित्यकार एवं चिकित्सक डॉ. मनोज अग्रवाल ‘गुमनाम लखनवी’ के मंच ‘वंडरफुल वर्ल्ड ऑफ पोएट्स’ पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल काव्य गोष्ठी में 10 देशों के कवियों और श्रोताओं ने हिस्सा लिया।
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समाचार  राज्य  रांची  झारखण्ड 

Ranchi News: महिला काव्य मंच की काव्य गोष्ठी में सजी कविता और ग़ज़लों की महफिल

Ranchi News: महिला काव्य मंच की काव्य गोष्ठी में सजी कविता और ग़ज़लों की महफिल महिला काव्य मंच, पूर्वी रांची जिला इकाई की ओर से शनिवार को रेणु मिश्रा के आवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरुग्राम से आए प्रसिद्ध कवि, ग़ज़लकार और साहित्यकार डॉ. विनोद प्रकाश गुप्ता ‘शलभ’ का स्वागत किया गया। दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
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साहित्य 

आज का जीवन: रिश्तों से दूर होती संवेदनाओं की कविता

आज का जीवन: रिश्तों से दूर होती संवेदनाओं की कविता “आज का जीवन” कविता आधुनिक समाज में बढ़ती स्वार्थ भावना, टूटते रिश्तों और प्रकृति से दूर होते मनुष्य की पीड़ा को सरल और भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त करती है।
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