क्या लिखा है रांची के अखबारों ने नए साल के पहले दिन, जानिए बड़ी खबरें
रांची : साल 2020 के पहले दिन रांची के अखबारों ने पाॅजिटिव खबरों के साथ शुरुआत की है. अखबार यह कोशिश करते दिखे हैं लोगों को अच्छी खबरें दी जाएं.


दैनिक भास्कर ने नए साल पर विशेष आयोजन किया है. अखबार ने साल के पहले दिन फ्रंट पेज पर सियाचिन की तसवीर छापी है और हेडिंग दिया है उठो, जागो क्योंकि रोज जीतना है. भास्कर ने अपने अखबार के आज के अंक को 2020 को खुद को री इन्वेंट करने के साल के कांसेप्ट पर निकाला है. अखबार ने लिखा है कि टीम भास्कर सियाचिन पहुंची और वहां सैनिकों को देख कर लगा कि मुश्किलें खुद को परखने का मौका देती हैं. आनंद पंडित का एक आलेख है कि अमिताभ बच्चन के साथ सात दिन पोलैंड में रह कर यह जाना कि खुद को कैसे री इन्वेंट करते हैं महानायक. इस विशेष आलेख का शीर्षक है: सुबह कहती है जो बीत गया उसे भूल जाओ, हर दिन को नया अर्थ देने से संुदर जीवन में कुछ भी नहीं है: अमिताभ. गुलजार का आलेख है: जीतना है तो टहनी छोड़ें पानी में उतरें. टिम कुक का आलेख है: सफलता एक पड़ाव है मंजिल नहीं, हर रोज जीतना है तो इनोवेशन की आदत बनाओ. लेरी पेज का आलेख है: तेज चलना है तो अकेले चलो दूर तक जाना है तो साथ चलो.
दैनिक जागरण ने केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का बयान दिया है: राज्य सरकार की मोहताज नहीं अब नागरिकता. सीएए के तहत पूरी प्रक्रिया आॅन लाइन करने की तैयारी में केंद्र. केरल से अखबार ने खबर लिखी है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एलडीएफ और यूीडीएफ एक हो गए हैं और विधानसभा में इसको लेकर प्रस्ताव पारित कर दिया. ऐसा करने वाला यह पहला राज्य बन गया. अखबार ने पहले पन्ने पर अपने संपादक का नव वर्ष पर आलेख छापा है, जिसका शीर्षक है: आशाओं-अपेक्षाओं के साल में बढे सदभावना, शिखर पर पहुंचे देश. अखबार ने नए साल का स्वागत करता हुए एक फोटो भी पहले पन्ने पर छापा है.
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