Sahebganj News: विद्या भारती विद्यालय में श्रद्धा से मनाई गई वीर कुंअर सिंह जयंती, छात्रों ने दी वीरता को सलामी
दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि
साहिबगंज के विद्या भारती विद्यालय, जमुनादास केदारनाथ चौधरी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से हुई।
साहिबगंज: विद्या भारती विद्यालय, जमुनादास केदारनाथ चौधरी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, साहिबगंज के वंदना कक्ष में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंअर सिंह की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। जयंती समारोह का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील पंडित एवं समस्त आचार्य बंधु-भगिनी ने बाबू वीर कुंअर सिंह के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया। वंदना कक्ष भारत माता और वीर शहीदों के जयकारों से गूंज उठा।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य सुनील पंडित ने कहा कि बाबू वीर कुंअर सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महानायक थे जिन्होंने 80 वर्ष की वयोवृद्ध अवस्था में भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ तलवार उठाई। 1857 की क्रांति में उन्होंने अद्भुत साहस और नेतृत्व का परिचय दिया। बिहार के जगदीशपुर रियासत से उन्होंने आजादी की अलख जगाई। घायल अवस्था में गंगा नदी पार करते समय उन्होंने अपनी जख्मी बांह खुद काट दी थी ताकि देशसेवा में बाधा न आए। अंतिम सांस तक संघर्ष करने वाले वीर कुंअर सिंह का जीवन त्याग, वीरता और देशभक्ति का अमर प्रतीक है। वहीं, आचार्य अमित कुमार ने छात्रों को बताया कि कुंवर सिंह का परिवार उज्जैन के परमार वंश के राजा विक्रमादित्य और राजा भोज का वंशज माना जाता है।

