झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर बड़ी राहत, अब 15 सितंबर तक दाखिल करें दावा-आपत्ति
भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी किया
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने समयसीमा बढ़ा दी है। अब मतदाता 15 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दाखिल कर सकेंगे। नोटिस एवं दावा-आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर तक पूरी होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि अब 15 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। वहीं नोटिस चरण तथा दावे-आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को होगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य में पात्र भारतीय नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने और दर्ज विवरणों को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है।मानसून और श्रावणी मेले को देखते हुए बढ़ाई गई अवधि

अब ये होंगी महत्वपूर्ण तारीखें
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार:
- दावा और आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि: 15 सितंबर 2026
- नोटिस एवं दावा-आपत्तियों का निष्पादन: 14 अक्टूबर 2026 तक
- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 19 अक्टूबर 2026
इससे पहले प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त 2026 को किया गया था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 4 सितंबर, निष्पादन की अंतिम तिथि 3 अक्टूबर और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 निर्धारित था।
युवाओं से ECINET के माध्यम से फॉर्म-6 भरने की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी पात्र भारतीय नागरिकों से विस्तारित अवधि का लाभ उठाने की अपील की है। जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से युवा पात्र भारतीय नागरिकों से ECINET के माध्यम से फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की। साथ ही युवाओं से अपने दोस्तों, परिजनों और आसपास के पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करने को कहा।
नाम या विवरण में गलती है तो फॉर्म-8 से करें सुधार
मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद यदि नाम, पता, आयु या अन्य विवरणों में किसी तरह की त्रुटि है, तो संबंधित मतदाता फॉर्म-8 के माध्यम से सुधार के लिए आवेदन कर सकता है।
311 अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति
मतदाता सूची से जुड़े दावे, आपत्तियां, नोटिस और अन्य आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन के लिए राज्य में 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। निर्वाचन विभाग का कहना है कि इससे मतदाताओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिल सकेगी और पुनरीक्षण की प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और बूथ लेवल पदाधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा मतदाताओं को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो
Related Posts


Latest News








