बैंक अधिकारी बनकर करते थे करोड़ों की साइबर ठगी, जामताड़ा से तीन आरोपी गिरफ्तार
आरोपियों के पास से 10 मोबाइल और 10 सिम कार्ड बरामद
जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। करमाटांड़ थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए।
जामताड़ा : जामताड़ा पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करमाटांड़ थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में छापेमारी की गई।
इस अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी राजेश मंडल एवं साइबर थाना के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने पिंडारी, सकलपुर एवं तिलैया (केंदुआटांड़) क्षेत्रों में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साइबर डीएसपी अमित रविदास, थाना प्रभारी राजेश मंडल एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
इस संबंध में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 31/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भारत के विभिन्न राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को निशाना बनाता था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस इनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुट गई है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक ग्राहकों को फोन कर स्वयं को बैंक अधिकारी बताते थे। वे ग्राहकों को यह झांसा देते थे कि उनका क्रेडिट या डेबिट कार्ड बंद होने वाला है अथवा नया कार्ड जारी किया जा रहा है।
इस बहाने वे ग्राहकों से कार्ड नंबर, ओटीपी (OTP), सीवीवी (CVV) और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद ई-वॉलेट एवं अन्य ऑनलाइन माध्यमों से उनके खातों से पैसे निकाल लेते थे।
यह गिरोह विशेष रूप से एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) समेत अन्य बैंकों के ग्राहकों को निशाना बनाता था और देश के कई राज्यों में सक्रिय था।
पुलिस की अपील
जामताड़ा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। बैंक कभी भी फोन पर OTP, CVV या पासवर्ड नहीं मांगता।
यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक अधिकारी बताकर गोपनीय जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना को दें।
पुलिस ने लोगों से डिजिटल लेन-देन के दौरान सतर्कता बरतने तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की भी अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
