किसान अन्नदाता व संस्कृति की धुरी: रघुवर
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– कोल्हान के 11.51 लाख किसानों को 452 करोड़ की सौगात
स्टेट ब्यूरो: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शुक्रवार को कोल्हान प्रमंडल के 11 लाख किसानों को 452 करोड़ रुपये की सौगात दी। इस बाबत तीन माह के अंदर प्रदेश के 35 लाख किसानों के खाते में कृषि कार्य हेतु 3 हजार करोड़ रुपये जाएंगे। मौके पर सीएम ने कहा कि अन्नदाता किसान प्रदेश की संस्कृति की धुरी हैं। सीएम ने कहा कि कोल्हान को बदलना है तो विकास का स्वागत करें और इसमें कोई दो राय नहीं, कि विकास ही लोगों की जिंदगी बदलेगा।
सीएम ने कहा कि 2014 के बाद किसानों की समृद्धि के लिए भाजपा की सरकार ने पहल की है। केंद्र सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की, तो झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का शुभारंभ किया। 10 अगस्त, 2019 को योजना के तहत 13 लाख 60 हजार किसानों को 482 करोड़ रुपये दिये गये। ये पैसे सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किये गये। आज 11 अक्टूबर, 2019 को योजना के बचे हुए 11 लाख 51 हजार 137 किसानों के खाते में 452 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये जा रहे हैं। यह राशि पहली किस्त है, जो कुल राशि का 50 प्रतिशत है। दीपावली से पूर्व दूसरी किस्त की 25 प्रतिशत राशि किसानों को मिलेगी।
नवंबर- दिसंबर तक बाकी पैसे भी उनके खाते में ट्रांसफर कर दिये जाएंगे। इस तरह राज्य के 35 लाख किसानों के खाते में राज्य सरकार 3 हजार करोड़ रुपये डाल देगी। इन पैसों से किसान आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे व कृषि संसाधन जुटाएंगे। सीएम ने कहा कि भारत गांव व किसानों का देश है। लोगों की आजीविका कृषि पर आधारित है, लेकिन, दशकों तक किसानों की समृद्धि और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की किसी ने पहल नहीं की, ऐसे में किसान आत्महत्या को मजबूर हो गये, वे कर्जदार बने, लेकिन हमारी सरकार ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल की है।
सीएम ने कहा कि अब हमारे किसानों को किसी महाजन से कर्ज नहीं लेना होगा। उन्हें केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ मिल रहा है। सीएम ने कहा कि जो किसान अब भी इस योजना का लाभ लेने से वंचित हैं, वे प्रखंड कार्यालय में ग्राम सभा से अनुमति प्राप्त कर अपना निबंधन करवा लेंत्र उन्हें भी यह राशि जरूर मिलेगी। कहा कि एक फसल का उत्पादन करने के बाद किसान काम की तलाश में पलायन कर जाते हैं इसी पलायन को हर हाल में रोकना है। किसान कृषि कार्य के अलावा पशुपालन भी करें। सरकार महिलाओं को 90 प्रतिशत अनुदान पर दो गाय उपलब्ध करा रही है। किसानों को भी 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
सीएम ने कहा कि कोल्हान के दड़ी के 69 गांव बिजली और विकास से अछूते थे, लेकिन आज हालात इसके उल्टे हैं। अब गांव- गांव स्ट्रीट लाइट, पेवर ब्लॉक की सड़क और सौर ऊर्जा के माध्यम से पानी पहुंचाने का कार्य हो रहा है, लेकिन, लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि हम जमीन छीन लेंगे। हम जमीन छीनने वाले नहीं, बिजली विहीन गांव को बिजली से रोशन करने वाले, सड़क विहीन गांव में सड़क निर्माण करने वाले, शुद्ध पेयजल से वंचित लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने वाले, महिलाओं को धुआं से निजात दिलाने वाले, स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाले लोग हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य चाईबासा को सुधारना है। यहां के लोगों को लाल पानी से मुक्ति देनी है, इसके लिए 743 करोड़ की जलापूर्ति योजना पर काम हो रहा है। 24 बड़ी योजनाएं निर्माणाधीन हैं। पांच बड़ी योजना वर्ष 2020 तक व अन्य योजनाएं वर्ष 2021 तक पूरी हो जाएंगी। 2022 तक चाईबासा के हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। खनन क्षेत्र में आजादी के बाद पहली बार सीएसआर के तहत 30 प्रतिशत की राशि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने पर खर्च हो रहा है। कहा कि चाईबासा में 258 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है।
85 करोड़ की लागत से सदर अस्पताल का जीर्णोद्धार हो रहा है। इस मौके पर कृषि सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री की परिकल्पना साकार हो रही है व अब छूटे किसान अपना निबंधन जल्द करा लें। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग झारखंड सरकार की कृषि सचिव पूजा सिंघल, कृषि निदेशक डॉ छवि रंजन, चाईबासा जिला परिषद अध्यक्ष लाल मुनी पूर्ति, जिले के उपायुक्त अरवा राजकमल, पश्चिमी सिंहभूम के आरक्षी अधीक्षक इंद्रजीत महथा, उप विकास आयुक्त आदित्य रंजन, पूर्व गृह सचिव जेबी तुबिद, कृषि अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लाभुक व आमजन मौजूद थे।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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