कांग्रेस ने खेला आदिवासी कार्ड, रामेश्वर बने नये प्रदेश अध्यक्ष
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पांच कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाये गए
रांची: डाॅ अजय कुमार द्वारा दिये गये इस्तीफे के बाद से लगातार इस विषय पर चर्चा जारी थी, कि आखिर कौन संभालेगा यह पद। कांग्रेस आलाकमान ने सोमवार को इस रहस्य से पर्दा हटाते हुए एक बार फिर से आदिवासी कार्ड खेल दिया व मनमोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके डाॅ रामेश्वर उरांव को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष मनोनित किया है। इनके अलावे पार्टी में पांच नेताओं कमलेश महतो, इरफान अंसारी, मानस सिन्हा, संजय पासवान और राजेश ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया है। जाहिर है कि नई टीम में आदिवासी व मुस्लिम कांबिनेशन यह स्पष्ट करता है, कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के बाबत इन्हीं पर अपना फोकस करेगी।
कांग्रेस को इस बात का पूर्ण अहसास है कि उसका वोट बैंक कहां है ? झारखंड में अभी विधायक दल के नेता आलमगीर आलम है, लेकिन हर पहलू को देखने के बाद आदिवासी चेहरे की ताजपोशी की गई है। अर्थशास्त्र में पीएचडी करनेवाले डाॅ उंराव मनमोहन सिंह कैबिनेट में मंत्री का पदभार संभाल चुके हैं। इसके अलावे वो प्रदेश के एडिशनल डाॅयरेक्टर जेनरल ऑफ पुलिस भी रह चुके हैं। इनके भीतर प्रशासनिक क्षमता कूट-कूट कर भरी है। 14 फरवरी 1947 को पलामू के चियांकी में जन्मे डाॅ उंराव अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
ये देखना दिलचस्प होगा कि डाॅ अजय कुमार के इस्तीफे के बाद डाॅ उरांव कैसे पार्टी के एकजुट करते हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूती प्रदान करते हैं। खास बात ये है कि पूर्व अध्यक्ष भी पुलिस विभाग के ताल्लुकात रखते थे और नये अध्यक्ष भी उसी बैकग्राउंड से हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला था। उनकी पत्नी रागिनी मिंज सिविल सर्जन रह चुकी हैं। 2009 में भाजपा के सुदर्शन भगत ने उन्हें हराकर लोहरदगा लोकसभा सीट छीन ली थी। साल 2014 में भी रामेश्वर उरांव को सुदर्शन भगत से हार का सामना करना पड़ा था।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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