सरायकेला में बनी बांस की वस्तुओं को विदेश भेजा जाएगा: मुख्यमंत्री
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सरायकेला: झारखंड को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है, इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड का गठन किया गया। बोर्ड में राज्य के प्रतिभावान शिल्पकारों को चिन्हित कर उनका निबंधन हुआ है। करीब 95 हजार शिल्पकार बोर्ड से जुड़ चुके हैं। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य शिल्पकारों व कलाकारों को बदलते समय व मांग के आधार पर प्रशिक्षण देकर उन्हें और प्रतिभावान बनाना है और जल्द ही सरायकेला से भी बांस की बनी वस्तुएं विदेश भेजी जाएगी। ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शुक्रवार को सरायकेला के नीमडीह स्थित मकुला गांव में कही।
मुख्यमंत्री मकुला में स्वावलंबी सहयोग समिति द्वारा बांस से बनी वस्तुओं का अवलोकन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यहां की आदिम जनजाति महिलाओं को सरकार आर्थिक रुप से स्वालंबी बनाना चाहती है। आने वाले दिनों में उद्योग विभाग आदिम जनजाति की महिला शिल्पकारों को प्रशिक्षित करने का काम करेगा। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं बाजार की मांग के अनुरूप बांस के उत्पाद तैयार कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल परगना में भी बांस अधिक मात्रा में होता है। इसी कारण वहां की महिलाओं व कलाकारों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुमका स्थित में कलाकार बांस की वस्तुएं तैयार कर रहें हैं। बांस की इन वस्तुओं को विदेश में भेजा जा रहा है। दुमका में बांस आधारित मेला का आयोजन भी किया गया ताकि, कलाकारों को एक मंच मिल सके। कुटीर, लघु और मध्यम उद्योग को सरकार बढ़ावा दे रही है। यह गरीबी समाप्त करने में कारगर साबित हो सकता है।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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