यात्री सुविधाओं में पिछड़ा इंदौर एयरपोर्ट, देश में छठे से 13वें स्थान पर पहुंचा; रैंकिंग में बड़ी गिरावट
एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल की 2026 की पहली तिमाही की रिपोर्ट में इंदौर एयरपोर्ट की रैंकिंग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यात्री सुविधाओं की कमी और खराब सेवा गुणवत्ता के कारण यह देश में छठे स्थान से गिरकर 13वें स्थान पर पहुंच गया है।
इंदौर: कभी देश के सर्वेश्रेष्ठ एयरपोर्ट में शुमार रहने वाला मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल अब यात्री सुविधाओं में फिसड्डी साबित हो रहा है। यहां हवाई सेवाओं का स्तर इतना गिर गया है कि देश के प्रमुख हवाई अड्डों की रैंकिंग में यह शीर्ष 10 की सूची से बाहर आ गया है।
एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल द्वारा हाल ही में साल 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च की एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी रिपोर्ट जारी की है, जो कि गुरुवार को सामने आई है। इस रिपोर्ट में इंदौर एयरपोर्ट 13वें स्थान पर पहुंच गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज तीन महीने पहले यानी साल 2025 की अंतिम तिमाही में इंदौर देश में छठे पायदान पर था, लेकिन अब यह अपनी साख बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
इस सर्वे रिपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर को पांच में से महज 4.87 अंक ही प्राप्त हुए हैं, जबकि 4.96 अंकों के साथ पुणे एयरपोर्ट ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। चेन्नई 4.95 अंकों के साथ दूसरे और गोवा 4.94 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। वहीं, संयुक्त रूप से 4.90 अंकों के साथ वाराणसी एयरपोर्ट को चौथा और त्रिची एयरपोर्ट को पांचवां स्थान मिला है।
इंदौर की इस गिरावट का मुख्य कारण यात्रियों का असंतोष रहा है। सर्वे के कुल 31 पैरामीटर्स में से 28 मानकों पर इंदौर को बहुत कम अंक मिले हैं। यात्रियों ने विशेष रूप से साफ-सफाई, वाईफाई की खराब कनेक्टिविटी, चार्जिंग स्टेशनों की कमी और मनोरंजन के विकल्पों के अभाव पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
हैरानी की बात यह है कि इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने हाल ही में मार्च महीने में उड़ान कैफे की शुरुआत की थी और वेटिंग एरिया का विस्तार भी किया था, लेकिन ये बदलाव यात्रियों को लुभाने में नाकाम रहे। यात्रियों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, रेस्टोरेंट, बार और यहां तक कि सुरक्षा जांच स्टाफ के व्यवहार को लेकर भी कम रेटिंग दी है। एयरपोर्ट पर पहुंचने के रास्तों और दिशा-सूचक संकेतों की कमी ने भी इंदौर के स्कोर को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस खराब प्रदर्शन के कारण इंदौर अब रायपुर, कालीकट, कोयंबत्तूर और भुवनेश्वर जैसे छोटे शहरों के हवाई अड्डों से भी पीछे छूट गया है।
अगर पिछले रिकॉर्ड को देखें तो इंदौर एयरपोर्ट का यह प्रदर्शन बेहद चिंताजनक है क्योंकि वर्ष 2025 की वार्षिक रैंकिंग में इंदौर को देश में तीसरा स्थान मिला था। उस समय इंदौर ने 4.92 अंक हासिल किए थे, जिससे उम्मीद जगी थी कि 2026 में यह शीर्ष पर रहेगा। हालांकि, हकीकत इसके उलट रही। अब 16 प्रमुख एयरपोर्ट्स की सूची में इंदौर से पीछे केवल श्रीनगर, पोर्ट ब्लेयर और अमृतसर ही रह गए हैं। एएसक्यू सर्वे की इस रिपोर्ट का असर अब साल की अगली तिमाहियों और वार्षिक रैंकिंग पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। ताजा रैंकिंग को इंदौर शहर की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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