जम्मू-कश्मीर पर फिर गरमाई राजनीति, अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर आमने-सामने भाजपा और पीडीपी
संसद परिसर में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने महबूबा मुफ्ती के विरोध प्रदर्शन पर दी प्रतिक्रिया।
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखा हमला बोला।
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने महबूबा मुफ्ती पर आतंकवादियों का साथ देने का आरोप लगाया और उनके विरोध प्रदर्शन की आलोचना की।
गिरिराज सिंह ने कहा कि महबूबा मुफ्ती लंबे समय तक आतंकियों के साथ खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक समय उनकी पार्टी के साथ सरकार बनाकर उन्हें सही दिशा में लाने का प्रयास किया था, लेकिन जब उनके विचारों में बदलाव नहीं आया तो गठबंधन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
अनुच्छेद 370 हटाने को बताया ऐतिहासिक फैसला

क्या था अनुच्छेद 370 का फैसला?
5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निष्प्रभावी कर दिया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत तत्कालीन राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—में विभाजित किया गया।
महबूबा मुफ्ती ने किया विरोध
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया। पीडीपी समेत जम्मू-कश्मीर की कई क्षेत्रीय पार्टियां लगातार राज्य का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग उठाती रही हैं।
वहीं, भाजपा और केंद्र सरकार इस फैसले को राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए हर वर्ष 5 अगस्त को इसकी वर्षगांठ के रूप में मनाती है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.









