अमेरिकी सेना ने ट्रंप बैन के बाद ईरान हमलों में इस्तेमाल किया एंथ्रोपिक क्लॉड एआई
नेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एंथ्रोपिक कंपनी के Claude AI को सभी संघीय एजेंसियों के लिए बैन कर दिया था। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पेंटागन को छह महीने का समय दिया था कि इसकी तकनीक को पूरी तरह हटा दे। लेकिन वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के इस आदेश के महज कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर एयर स्ट्राइक्स की प्लानिंग में इसी Claude AI का सहारा लिया।

AI का सैन्य इस्तेमाल कैसे हुआ?

विवाद की जड़ में नैतिकता और सुरक्षा
इस मामले की असली वजह रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई के बीच का टकराव है। पेंटागन चाहता था कि कंपनी अपनी AI टूल्स पर लगी नैतिक पाबंदियां हटा दे, ताकि सेना इन्हें बिना किसी रोक-टोक के इस्तेमाल कर सके। लेकिन अमोदेई ने साफ मना कर दिया, कहा कि वे कभी भी ऐसी सीमाओं को पार नहीं करेंगे, चाहे सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स क्यों न गंवाने पड़ें। अब एंथ्रोपिक ट्रंप सरकार के इस बैन को कानूनी चुनौती देने की तैयारी में है।
आगे क्या होगा?
यह घटना अमेरिकी सेना में AI के भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है। ट्रंप प्रशासन की कथनी और करनी में फर्क साफ दिख रहा है, जहां एक तरफ बैन की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ उसी तकनीक का युद्ध में दुरुपयोग हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवाद AI के सैन्यीकरण को और जटिल बना देंगे।
