खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में बवाल: कराची-इस्लामाबाद में हिंसा, अमेरिकी दूतावास पर हमला
नेशनल डेस्क: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने पाकिस्तान को आग के गोले में बदल दिया है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही कराची, इस्लामाबाद और लाहौर समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे।

इस्लामाबाद के डिप्लोमैटिक एन्क्लेव में अमेरिकी दूतावास की ओर 5000 से ज्यादा लोग बढ़ रहे थे, जो एम्बेसी रोड तक पहुंच चुके। रेड जोन में पुलिस ने फायरिंग की, कई मौतें हुईं और स्थिति बेकाबू हो गई। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं-बच्चे भी शामिल थे, जो अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
लाहौर और स्कार्दू में भी हंगामा मचा हुआ है। पाकिस्तान सेना को आर्टिकल 245 के तहत स्कार्दू तैनात किया गया, जहां कानून-व्यवस्था चरमरा गई। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम खामेनेई की हत्या का बदला ले रहे हैं, अल्लाह ने चाहा तो दूतावास जला देंगे।"
अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर अलर्ट जारी किया: पाकिस्तान में अमेरिकी नागरिक स्थानीय खबरों पर नजर रखें, भीड़ से दूर रहें। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों को जस्टिफाई करते हुए कहा कि ईरान की लीडरशिप को निशाना बनाया गया, आगे भी कार्रवाई हो सकती है। ईरान ने 40 दिन का शोक घोषित कर दिया है।
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पाकिस्तानी प्रशासन ने सख्ती बरतने का ऐलान किया, लेकिन शिया संगठनों के मार्च ने आग को हवा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कंसुलेट में आग और तोड़फोड़ साफ दिख रही। अगर हालात नहीं संभले तो बड़े हमले का खतरा मंडरा रहा।
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