झोलाछाप डॉक्टर कहकर अपमानित ना करें
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गोेलबंद हुआ ग्रामीण चिकित्सक संघ
देवघर: जिले के अलावे संथाल परगना का भारतीय ग्रामीण चिकित्सक संघ गोलबंद हो गया है। इन्होंने झोलाछाप डाॅक्टर की दी गई उपाधि के खिलाफ कड़ी आपत्ति दर्ज करायी है। देवघर के मोहनपुर प्रखंड के घोरमारा में तकरीबन डेढ़ सौ चिकित्सकों ने सामूहिक रुप से सरकार से ये मांग की, कि उन्हें झोलाछाप डॉक्टर कहकर अपमानित ना किया जाए।
संघ के प्रदेश प्रवक्ता चंडी चरण डे और जिला सचिव अब्दुल मल्लिक का कहना है कि ये सुदूर गांव में यह ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा देते हैं व इन्हीं के माध्यम से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को बड़े अस्पतालों में भेजा जाता है। संघ ने कहा कि आज सुदूर ग्रामीण इलाकों में सरकार ने भवन तो बना दिए हैं, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं रहते। ऐसे में यदि कोई बीमार पड़ जाए या छोटी मोटी बीमारी व दुर्घटना हो जाए तो प्राथमिक उपचार के लिए यही आते हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दूसरे हॉस्पिटल भेजा जाता है।
अब जिलाधिकारी और सरकार द्वारा इनको तरह-तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। झोलाछाप डॉक्टर कह कर दबाया जा रहा है। संघ के लोगों का कहना है कि वो जल्द ही इसके खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना देगा। जब सरकारी डाॅक्टर गांव में नहीं रहते हैं और ये लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करा रहे हैं तो उन्हें सम्मान की नजर से देखा जाना चाहिए।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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