जंक फूड और खराब लाइफस्टाइल बढ़ा रहे कैंसर का खतरा, समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव: डॉ. जितेंद्र रोहिला
स्टेज-1 में कैंसर की पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना अधिक
शिमला में फोर्टिस कैंसर संस्थान, मोहाली के सीनियर कंसल्टेंट जीआई सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. जितेंद्र रोहिला ने कहा कि जंक फूड, खराब जीवनशैली, मोटापा और स्वास्थ्य जांच में लापरवाही कैंसर के बढ़ते मामलों की प्रमुख वजह हैं।
शिमला: बदलती जीवनशैली, जंक फूड का बढ़ता चलन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और नियमित स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज करना कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। फोर्टिस कैंसर संस्थान, मोहाली के सीनियर कंसल्टेंट जीआई सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. जितेंद्र रोहिला ने लोगों से समय रहते जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की है।
डॉ. रोहिला ने कहा कि कैंसर का सबसे प्रभावी उपचार उसकी शुरुआती पहचान में छिपा है। यदि बीमारी का पता शुरुआती चरण, विशेष रूप से स्टेज-1 में चल जाए, तो उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। लेकिन जागरूकता की कमी और लापरवाही के कारण अधिकांश मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं, जब कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल चुका होता है।


सफल उपचार के बाद मरीज को दस दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वह सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
डॉ. रोहिला ने कहा कि शरीर में किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर जांच ही कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार हैं।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.

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