इतिहास के पन्नों में 18 जून: रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस, वीरता की अमर गाथा
ग्वालियर के युद्ध में अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए हुईं वीरगति को प्राप्त
18 जून भारतीय इतिहास में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के रूप में याद किया जाता है। वर्ष 1858 में ग्वालियर के समीप अंग्रेजी सेना से युद्ध करते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुई थीं।
नई दिल्ली: भारतीय इतिहास में 18 जून का दिन अदम्य साहस, देशभक्ति और बलिदान की अमर गाथा के रूप में दर्ज है। वर्ष 1858 में इसी दिन झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
1857 की क्रांति की सबसे साहसी वीरांगना
रानी लक्ष्मीबाई 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की सबसे प्रमुख और प्रेरणादायक योद्धाओं में से एक थीं। अंग्रेजों की ‘डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स’ नीति के विरोध में उन्होंने झांसी की रक्षा के लिए मोर्चा संभाला और अंग्रेजी सेना के खिलाफ डटकर मुकाबला किया।

ग्वालियर के युद्ध में वीरगति

उनकी शहादत ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई।
आज भी प्रेरणा हैं रानी लक्ष्मीबाई
रानी लक्ष्मीबाई का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष 18 जून को देशभर में उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और उनके योगदान को याद किया जाता है।
18 जून की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं
- 1576: अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हल्दीघाटी का युद्ध शुरू।
- 1815: वाटरलू के युद्ध में नेपोलियन बोनापार्ट पराजित हुए।
- 1956: हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम पारित।
- 1979: अमेरिका और सोवियत संघ के बीच SALT-II समझौते पर हस्ताक्षर।
- 2009: नासा ने चंद्रमा पर पानी की खोज के लिए विशेष मिशन भेजा।
- 2017: पाकिस्तान ने भारत को हराकर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता।
जन्म
- 1887: अनुग्रह नारायण सिन्हा, स्वतंत्रता सेनानी और आधुनिक बिहार के निर्माता।
- 1931: के.एस. सुदर्शन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांचवें सरसंघचालक।
- 1992: गोड्डेति माधवी, आंध्र प्रदेश की युवा राजनीतिज्ञ।
निधन
- 2009: उस्ताद अली अकबर खां, महान सरोद वादक।
- 2021: मिल्खा सिंह, भारत के महान धावक और ‘फ्लाइंग सिख’।
महत्वपूर्ण अवसर
- गोवा क्रांति दिवस
- रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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