Literature
साहित्य 

पुरुषोत्तम मास में क्यों बढ़ जाता है दान-पुण्य का महत्व? पढ़ें यह सुंदर काव्य रचना

पुरुषोत्तम मास में क्यों बढ़ जाता है दान-पुण्य का महत्व? पढ़ें यह सुंदर काव्य रचना कवयित्री सुनीता अग्रवाल ‘पिंकी’ की यह कविता अधिक मास अथवा पुरुषोत्तम मास के धार्मिक महत्व, दान-पुण्य, संयम और आध्यात्मिक साधना की महत्ता को सरल शब्दों में प्रस्तुत करती है।
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साहित्य 

आपसी मनमुटाव ठीक नहीं

आपसी मनमुटाव ठीक नहीं ‘आपसी मनमुटाव ठीक नहीं’ कविता रिश्तों में बढ़ती दूरियों, खामोशी और संवादहीनता की पीड़ा को व्यक्त करती है। कवि चुन्नू साहा ने जीवन की नश्वरता और अपनों के महत्व को रेखांकित करते हुए संदेश दिया है कि मनमुटाव को लंबे समय तक नहीं पालना चाहिए।
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साहित्य 

लोकार्पण: जब साहित्य औपचारिकता के 'समोसे' में खो गया....

लोकार्पण: जब साहित्य औपचारिकता के 'समोसे' में खो गया.... यह व्यंग्यात्मक आलेख आज के साहित्यिक लोकार्पण समारोहों की बदलती तस्वीर को सामने लाता है। लेखक ने दिखाया है कि कैसे किताबों का विमोचन अब साहित्यिक विमर्श से अधिक दिखावे, औपचारिकता, सोशल मीडिया प्रचार और चाय-समोसे के आयोजनों तक सीमित होता जा रहा है।
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आर्टिकल  स्टोरी  

बशीर बद्र: वो शायर जो हमारे टूटे दिल की बोली बोल गया

बशीर बद्र: वो शायर जो हमारे टूटे दिल की बोली बोल गया उर्दू शायरी के मशहूर शायर बशीर बद्र ने अपनी सरल, संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली ग़ज़लों से करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई। उनकी शायरी मोहब्बत, रिश्तों, यादों और इंसानियत की गहरी समझ को बयां करती है।
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आर्टिकल 

सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, सुरक्षा भी चाहिए: झारखंड के साहित्यकारों और कलाकारों के लिए कल्याण कोष की मांग

सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, सुरक्षा भी चाहिए: झारखंड के साहित्यकारों और कलाकारों के लिए कल्याण कोष की मांग झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने वाले साहित्यकारों और लोक कलाकारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खोरठा साहित्यकार स्व. सुरेश कुमार विश्वकर्मा ‘सुकुमार’ और पद्मश्री डॉ. गिरिधारी राम गौंझू जैसे सांस्कृतिक व्यक्तित्वों के संघर्ष ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या समाज और व्यवस्था केवल सम्मान तक सीमित है।
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राज्य  धनबाद  झारखण्ड 

लिंडसे क्लब, धनबाद के लघु पत्रिका मेले में शामिल हुए कई साहित्यकार, कहा – पढने-लिखने से होगा मानव का विकास

लिंडसे क्लब, धनबाद के लघु पत्रिका मेले में शामिल हुए कई साहित्यकार, कहा – पढने-लिखने से होगा मानव का विकास धनबाद : लिंडसे क्लब एंड लाइब्रेरी, हीरापुर, धनबाद के द्वारा तीन दिवसीय शिल्पे अनन्या लघु पत्रिका मेले का आयोजन 23 दिसंबर से किया गया है। यह आयोजन 25 दिसंबर तक चलेगा। कार्यक्रम में देश के जाने-माने लेखक, साहित्यकार, कवि और...
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