Climate Change
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Read More... ईएसएल स्टील ने ‘मिलेट मिशन’ की शुरुआत की, जलवायु अनुकूल खेती और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
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By Mohit Sinha
ईएसएल स्टील लिमिटेड ने बोकारो में प्रोजेक्ट WADI एवं CLAP के तहत ‘मिलेट मिशन’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत 500 एकड़ भूमि पर मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन से जोड़ा जाएगा। Climate कहानी: El Niño की आहट से डरा मानसून 2026, भारत के सामने सूखा, गर्मी और पानी संकट का खतरा
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By Mohit Sinha
भारत में मानसून 2026 को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार एल नीनो की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है, जिससे देश में सामान्य से कम बारिश, भीषण गर्मी, जल संकट और कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इस साल कमजोर रहेगा मानसून! IMD की चेतावनी- कई राज्यों में पड़ेगी भीषण गर्मी
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By Mohit Sinha
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है और देश में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। Giridih News: "जलवायु अखड़ा 2026" संपन्न, हरित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण पर मंथन
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By Anjali Sinha
गिरिडीह के न्यू बरगंडा स्थित अभिव्यक्ति फाउंडेशन में सारथी – झारखंड जस्ट ट्रांजिशन नेटवर्क के प्रथम स्थापना दिवस पर “जलवायु अखड़ा 2026” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, किसानों और महिलाओं ने एकजुट होकर जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण और टिकाऊ खेती पर गंभीर संवाद किया। Climate कहानी: AC की बढ़ती मांग से बिजली संकट का खतरा, रिपोर्ट ने बताया बड़ा समाधान
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By Mohit Sinha
भारत में बढ़ती गर्मी और तेजी से बढ़ रहे एयर कंडीशनर उपयोग के बीच नई रिपोर्ट ने बिजली संकट की आशंका जताई है। India Energy and Climate Center (IECC) की रिपोर्ट के अनुसार, अगर अगले दस वर्षों में AC की ऊर्जा दक्षता दोगुनी कर दी जाए, तो भारत बड़े बिजली संकट से बच सकता है। आ गया सुपर अलनीनो! बढ़ी IMD की चिंता, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़; जानिए क्या होगा असर
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By Samridh Media Desk
El Niño Effect in India 2026: प्रशांत महासागर में समुद्री तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार एक बेहद शक्तिशाली "सुपर अलनीनो" उभर सकता है, जिसके दुष्प्रभाव भारत सहित दुनियाभर में महसूस किए जाएंगे। ग्रीनहाउस गैस नीति के साथ बदल रही भारतीय राजनीति की दिशा
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By Anshika Ambasta
भारत में क्लाइमेट चेंज, कार्बन क्रेडिट और ग्रीनहाउस गैस नीति अब राजनीति और विकास के प्रमुख मुद्दे बनते जा रहे हैं। नेताओं और रणनीतिकारों के बीच ग्रीन पॉलिटिक्स की समझ तेजी से बढ़ रही है। सुधरती दिशा, धीमी रफ्तार: नई रिपोर्ट में दिखा जलवायु कार्रवाई का बदलता चेहरा
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By Samridh Media Desk
UNFCCC की 2025 रिपोर्ट दिखाती है कि दुनिया का उत्सर्जन अब घटने लगा है। दिशा सही है, लेकिन रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है — भारत ने जलवायु कार्रवाई को विकास से जोड़कर नई मिसाल पेश की है। पहली बार, दुनिया का उत्सर्जन वक्र नीचे झुकना शुरू हुआ है — यानी ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन अब बढ़ नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे घटने लगा है। climate कहानी : अब भी बचाया जा सकता है 1.5°c का लक्ष्य, नई रिपोर्ट ने दिखाई उम्मीद की राह
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By Samridh Media Desk
क्लाइमेट एनालिटिक्स की नई रिपोर्ट “Rescuing 1.5°C” ने उम्मीद जताई है कि दुनिया अब भी वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5°C के भीतर सीमित कर सकती है, यदि तुरंत निर्णायक कदम उठाए जाएँ। रिपोर्ट के अनुसार, 2045 तक CO₂ उत्सर्जन को नेट-ज़ीरो पर लाना और 2050 तक दो-तिहाई ऊर्जा मांग को बिजली से पूरा करना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भी हालात पलटने की संभावना है, बशर्ते वैश्विक स्तर पर त्वरित कार्रवाई हो। Climate कहानी: क्लाइमेट चेंज की मार, हेल्थ पर वार, रिपोर्ट ने दिखाया फंडिंग का भार
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By Samridh Media Desk
गर्मी बढ़ रही है, बिमारियाँ भी। adelphi की नई रिपोर्ट बताती है कि जिस वक्त जलवायु संकट हमारी सांसें, हमारी धड़कनें और हमारे शरीरों पर असर डाल रहा है, उसी वक्त दुनिया की हेल्थ फंडिंग अब भी ‘क्लाइमेट ब्लाइंड’ बनी हुई है।2050 तक क्लाइमेट चेंज से 1.56 करोड़ लोगों की जान जा सकती है, लेकिन अब तक वैश्विक क्लाइमेट फाइनेंस का सिर्फ 0.5% हिस्सा ही हेल्थ सेक्टर तक पहुँचा है। Climate कहानी: 57 कम गर्म दिन, पेरिस समझौते की वो उम्मीद, जो अब भी ज़िंदा है
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By Climate कहानी
नई रिपोर्ट बताती है कि अगर देश पेरिस समझौते के तहत अपने वादों को पूरा करते हैं और तापमान वृद्धि को 2.6°C तक सीमित रखते हैं, तो दुनिया हर साल 57 कम गर्म दिन अनुभव कर सकती है। वहीं, 4°C गर्मी पर हीटवेव और अत्यधिक गर्मी की घटनाएँ कई गुना बढ़ जाएंगी। हीटवेव अब सबसे घातक आपदा बन चुकी है, गरीब देश सबसे अधिक प्रभावित हैं। सुरक्षित जलवायु के लिए उत्सर्जन कटौती, क्लाइमेट जस्टिस और प्रभावी नीति जरूरी हैं। Climate कहानी: वॉशिंगटन में दुनिया के भविष्य पर मंथन: कर्ज़, क्लाइमेट, और राजनीति एक मेज़ पर
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By Mohit Sinha
वॉशिंगटन डी.सी. में 13-18 अक्टूबर के बीच होने वाली वर्ल्ड बैंक और IMF की सालाना बैठकें सिर्फ़ वित्तीय फैसलों तक सीमित नहीं हैं। इस बार क्लाइमेट फाइनेंस, कर्ज़ राहत और वैश्विक साउथ की आवाज़ मुख्य मुद्दे हैं। 1.3 ट्रिलियन डॉलर के जलवायु वादों की हकीकत, अमीर और गरीब देशों के बीच भरोसा, और राजनीतिक दबावों के बीच बहुपक्षीय विकास बैंकों की भूमिका तय करेगी कि वैश्विक आर्थिक प्रणाली कितनी तेजी से “बदलाव की अर्थव्यवस्था” की ओर बढ़ सकती है। 