रांची की वह लड़की जिसने खुद के लिए चलवायी राजधानी एक्सप्रेस, उनसे सीखें सफलता के ये मंत्र
रांची : हिंदुस्तान में ऐसा शायद ही पहले कभी हुआ ऐसा हुआ हो कि एक अकेले रेल यात्री ने खुद के लिए ट्रेल चलवा दी हो. उस पर भी प्रीमियम ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस. लेकिन, रांची के एचइसी इलाके की रहने वाली अनन्या ने ऐसा कर दिखाया. अनन्या ने गुरुवार यानी 3 सितंबर को दिल्ली से रांची आ रही राजधानी एक्सप्रेस का रूट बदलवाया.


अनन्या अगर रेलवे की बात मान लेती तो वह अपेक्षाकृत जल्दी भी घर पहुंच सकती थी, लेकिन वे इस बात पर अड़ी रहीं कि उन्होंने तो राजधानी की सुविधा पर खर्च किया है इसलिए इसी स्तर की सुविधा मिलनी चाहिए और अगर राजधानी ट्रेन से नहीं जाना होता तो इसका टिकट लेती ही क्यों. उनकी जिद पर रेलवे के अधिकारियों को ट्रेन को गया, गोमो, बोकारो रूट पर डायवर्ट करना पड़ा और वह पौने दो बजे रात रांची स्टेशन पहुंची.
अनन्या ट्रेन की अकेली यात्री थीं, ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए महिला आरपीएफ जवानों को ट्रेन में सवार किया गया. जगह-जगह यह ख्याल रखा जा रहा था कि उन्हें कोई असुविधा नहीं हो.
हालंाकि अनन्या ने लेट से ट्रेन द्वारा पहुंचाने पर कहा है कि वे आगे सोचेंगी कि इसके लिए क्या करना है. उनके पिता मुकेश प्रसाद चैधरी एचइसी में असिस्टेंट मैनेजर हैं. वही, स्कूटी से बेटी को लेने पहुंचे थे.
ऐसा भी नहीं है कि अनन्या ट्रेन में बहुत दूर से यात्रा करती आ रही थीं. वे मुगलसराय में ट्रेन पर सवार हुई थीं. वे वाराणसी में लाॅ की पढाई कर रही हैं. शाायद कानून की पढाई के कारण नियम-कानून को लेकर उनके अंदर अधिक दृढता आ गयी है.
एलएलबी की छात्रा अनन्या का घर धुर्वा में है. उन्होंने एचइसी सेक्टर 2 के केंद्रीय विद्यालय से मैट्रिक व डोरंडा के केंद्रीय विद्यालय से बारहवीं की पढाई की है.
अनन्या कहती हैं कि ट्रेन में सफर करना सिद्धांत का मामला है, कैसे ट्रेन बीच रास्ते किसी को उतार सकता है, वह भी महिला को. उन्होंने कहा कि कभी रेलवे स्टाफ तो कभी यात्री मुझे समझाते और ट्रेन से उतारने की यह कर कोशिश करते कि सिर्फ आपके लिए ट्रेन नहीं चलेगी, जिद छोड़िए. लेकिन, मैंने हार नहीं मानी और सिद्धांतों पर डटी रही. बताया जाता है कि अनन्या की जिद को पूरा करने के लिए रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने दिल्ली मुख्यालय से भी संपर्क कर आवश्यक निर्देश लिया था.
अनन्या से यह सीख मिलती है कि आपने फैसले और सोच पर दृढ रहिए, सिद्धांतो से समझौता नहीं कीजिए, सफलता जरूर मिलेगी.
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