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दीपावली कल, वृष लग्न शाम 6.51 से रात 8.48 बजे तक मां लक्ष्मी की सर्वश्रेष्ठ पूजा

दीपावली कल, वृष लग्न शाम 6.51 से रात 8.48 बजे तक मां लक्ष्मी की सर्वश्रेष्ठ पूजा कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 18 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया गया और इसके साथ ही दीपोत्सव की शुरुआत हुई। इस वर्ष दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी, जो रात्रि व्यापिनी अमावस्या के दिन पड़ेगी। ज्योतिष आचार्य प्रणव मिश्रा के अनुसार, माता लक्ष्मी की पूजा के लिए वृष लग्न सबसे शुभ माना गया है। घरों और मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी, जिसमें गणेशजी और लक्ष्मीजी की प्रतिमा स्थापित कर पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक, शृंगार, भोग और आरती शामिल है। पूजा के दौरान शुभ मुहूर्त और चौघड़िया का पालन किया जाएगा। यह पर्व जीवन में समृद्धि, सौभाग्य, यश और प्रेम बढ़ाने का संदेश देता है।
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भोले शंकर को प्रसन्न करने का मास है श्रावण: आचार्य प्रणव मिश्रा

भोले शंकर को प्रसन्न करने का मास है श्रावण: आचार्य प्रणव मिश्रा अभिषेक शब्द का अर्थ ही स्नान करना या करवाना है. रुद्राभिषेक का अर्थ भगवान शिव पर रुद्र मंत्रो के द्वारा अभिषेक करना है. शुक्ल ययुर्वेदीय रुद्रष्ठध्यायी के द्वारा रूद्र की उपासना से सम्बसदाशिव  रुद्राभिषेक से शीघ्र प्रसन्न होते है. रुद्राभिषेक  का वर्णन ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद में मिलता है
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आज और कल शरद पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि एवं खीर का महत्व

आज और कल शरद पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि एवं खीर का महत्व शरद पूर्णिमा पर चांद पृथ्वी के सबसे नजदीक रहता है और अपनी समस्त 16 कलाओं से युक्त होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष शरद पूर्णिमा का पर्व आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के बाद मनाया जाता है. शरद पूर्णिमा को कोजोगार और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है.
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