18 व 19 सितंबर को दुमका में दो दिवसीय बांस कारीगर कॉन्क्लेव का आयोजन: सुनील वर्णवाल
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रांची: मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बांस दिवस के अवसर पर दुमका में 18 और 19 सितंबर को दो दिवसीय बांस कारीगर कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। संथाल परगना में आयोजित होनेवाले यह मेगा इवेंट है। मेले में केंद्रीय व राज्य के मंत्री, झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों और विदेशों से भी कारीगर, विजिटर्स, निवेशक और कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। वर्णवाल सोमवार को सूचना भवन में सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर इसके तैयारियों की जानकारी ली।
डाॅ वर्णवाल ने कहा कि बांस कारीगर मेले को लेकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ें। शहर को नया लुक दें। कहा कि बांस के कारीगरों को रोजगार के साथ उनकी कारीगरी को प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए इसका आयोजन किया जा रहा है। मेले में लगभग 70 स्टॉल लगाए जाएंगे। हर स्टॉल पर बांस के विशेष उत्पादों की न सिर्फ प्रदर्शनी लगाई जाएगी बल्कि उसकी बिक्री भी की जाएगी। इस बाबत उद्योग सचिव के रवि कुमार ने कहा कि कॉन्क्लेव के आयोजन से झारखंड को दुनिया में अलग पहचान मिलेगी। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को कहा कि इस मेले में हर जिले से बांस कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी है। ऐसे में वे बांस कारीगरों की लिस्ट बनाकर उन्हें मेला में शामिल होने के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। सचिव के रवि कुमार ने उपायुक्तों को बताया कि दो दिवसीय मेगा इवेंट का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उद्योग विभाग और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड ई-मार्केट प्लेस, ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग के लिए युवाओं व कारीगरों को प्रशिक्षित भी करेगा। मेले में लगभग एक लाख कारीगर कार्ड वितरण की योजना है।
उद्योग सचिव ने कहा कि कारीगरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बैंकर और माइक्रो फाइनेंस कंपनियां भी मेले में हिस्सा लेंगी। कहा कि 15 अक्टूबर के पहले ही सभी जिलों में उद्यम समागम होना है। सभी उपायुक्त इस आयोजन को लेकर अपनी सुविधानुसार तारीख तय कर उद्योग विभाग को इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि उद्योग समागम आयोजित करने का मकसद जिलों में छोटे-छोटे उद्योगों को चिन्हित कर उन्हें विकसित करना है। इसके तहत जिस जिले का जो बेस्ट प्रोडक्ट होता है उसे सरकार की ओर से बाजार के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उद्योग सचिव ने सभी उपायुक्तों को कहा कि उद्योग समागम के सफल आयोजन के लिए वे स्थानीय ट्रेड एसोसिएशनों और अन्य व्यापारिक संगठनों का भी सहयोग लें। उद्योग समागम पर मुख्यमंत्री रघुवर दास का विशेष फोकस है और वे कुछ जिलों में होनेवाले उद्योग समागम में शामिल होंगे। के रवि कुमार ने उपायुक्तों को कहा कि उद्योग समागम में फूड स्टॉल, मनोरंजन के साथ-साथ अन्य विविध कार्यक्रमों का आयोजन भी होना चाहिए।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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