इंग्लैंड की महारानी का महल आकर्षण का केंद्र, 1952 से दुर्गोत्सव का हो रहा आयोजन
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कोडरमा: चाराडीह दुर्गापूजा समिति अपना पूजा का 67वां वर्ष मना रहा है। लिहाजा इस बार पूजा को लेकर खास तैयारी की गई है। यहां पंडाल का स्वरूप इंग्लैंड की महारानी के महल जैसा दिया गया है। कमेटी के सदस्यों के अथक मेहनत भी पंडाल में स्पष्ट रूप से झलक रही है। पंडाल के करीब 30 फीट ऊपरी छोर में भी भगवान की मूर्तियां रखी गई है। इससे इस बार पंडाल हर मायने में नये लुक में लोगों को भा रहा है। साथ ही माता की मूर्ति विशेष आकर्षण का केंद्र है।
पूजा में बच्चों के मनोरंजन के लिए रह वर्ष की तरह इस वर्ष भी झूला व अन्य व्यवस्था की गई है। यहां स्थानीय लोगों के सहयोग से वर्ष 1952 से पूजा हो रही है। उस समय माता की असीम कृपा के लिए लोगों ने पूजा की शुरुआत की थी जो अनवरत जारी है। पूजा समिति की अध्यक्ष सांसद अन्नपूर्णा देवी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समिति के सचिव विद्युत चटर्जी, कोषाध्यक्ष विकास चंद्र दास, सह कोषाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा ने बताया कि 67 वर्षों से बड़ी ही धूमधाम से पूजा हो रही है। पूरे गांव के लोग पूजा के सफल संचालन में सहयोग करते है। इस वर्ष कार्यक्रमों की भी तैयारी की गई है। वहीं पूजा को लेकर विशेष लाइटिग की व्यवस्था है। सड़क के दोनों छोर लाइटिंग से विशेष साज-सज्जा की गई है।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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