अन्नदाताओं का सर्वांगीण विकास सरकार का लक्ष्य: मुख्यमंत्री
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2022 तक किसानों का दोगुना करने का टारगेट
रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के अन्नदाता किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार समर्पित है। राज्य के किसानों को केंद्र व राज्य सरकार के योजनाओं से आच्छादित कर समृद्ध बनाने का काम किया गया है। 2013-14 में राज्य की कृषि फसल दर 4.5 प्रतिशत थी। विगत साढ़े चार साल में प्रदेष की कृषि दर बढ़कर 14.2 प्रतिशत हो गई है। कहा कि राज्य के अन्नदाताओं ने अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग करते हुए अपने मेहनत व लगन से रिकॉर्ड कृषि उत्पादन किया है व इसी का परिणाम है, कि राज्य के कृषि विकास दर में 19 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य की ओर झारखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। शनिवार को सीएम झारखंड मंत्रालय में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
सीएम ने कृषि सचिव पूजा सिंघल को निर्देश दिया कि राज्य में जल्द ही डेयरी इंडस्ट्री प्रमोशन पॉलिसी बनाई जाए। 2022 तक झारखंड को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है व इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कार्ययोजना बनाकर काम करें। डेयरी इंडस्ट्री में रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में ट्राइबल महिलाओं को जोड़ने का कार्य करें, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हों। आदिवासी बहुल जिलों में गाय पालन के प्रति आदिवासी महिलाओं को जागरूक करें। दुग्ध उत्पादन के फायदे बताएं। सितंबर से कृषि विभाग के अधिकारी सभी जिलों में आदिवासी महिला किसानों के साथ बैठक कर गाय पालन के प्रति उन्हें प्रोत्साहित करें। कृषि सचिव ने बताया कि झारखंड में पहली बार रांची के होटवार में एक लाख लीटर क्षमता का अति आधुनिक डेयरी प्लांट तथा एक मिनरल मिक्सर प्लांट एवं बाईपास प्रोटीन प्लांट की स्थापना की गई है। पलामू,सारठ (देवघर), रांची, जमशेदपुर एवं गिरिडीह जिला में भी 50 हजार लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। सचिव ने बताया कि 2018-19 में 59.50 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन हुआ है व 2019-20 में प्रतिदिन 62.50 लाख लीटर दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
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सीएम ने राज्य में चल रही योजनाओं को बताते हुये कहा कि ई- नाम में सूचीबद्ध लगभग 75000 किसानों को मोबाइल फोन के लिए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से 2000 की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत इस वर्ष अब तक 22000 किसानों के बीच वितरण किया गया है। सितंबर तक रजिस्टर्ड सभी किसानों को मोबाइल फोन दे दिया जाएगा। कहा कि राज्य में कृषि सिंगल विंडो सेंटर का भी संचालन कृषकों के हित में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को 6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
राज्य के लगभग 6 लाख किसानों को इस योजना के तहत प्रथम किस्त का लाभ दिया जा चुका है। कहा कि अन्नदाताओं को अब खाद बीज इत्यादि खरीदने के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के उन्नत तकनीक को सीखने के लिए राज्य से किसानों का जत्था को इजराइल भेजा गया था। राज्य से कुल 83 किसान इजराइल में आधुनिक कृषि, ड्रिप सिंचाई अन्य नई पद्धति को देखने और समझने के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि जो भी किसान इजराइल से उन्नत कृषि की तकनीक को सीख कर झारखंड लौटे हैं, वे अपने जिले के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि राज्य में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अंगीभूत महाविद्यालयों के रूप में 7 नए महाविद्यालयों का स्थापना की जा रही है। इसके सुचारु रुप ढंग से परिचालन के लिए 435 पदों का सृजन भी किया गया है। बैठक में कृषि मंत्री रणधीर सिंह, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव के के खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, कृषि सचिव पूजा सिंघल, एमडी मार्केटिंग बोर्ड मंजूनाथ भजंत्री निदेशक छवि रंजन सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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