सरिया: ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन धनबाद मंडल का सम्मेलन संपन्न
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14 सूत्री मांगों को लेकर सीनियर अधिकारियों को सौंपेगे ज्ञापन
सरिया/गिरिडीह: हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन परिसर में रविवार को ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन धनबाद मंडल का एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन प्रबंधक चंद्र मोहन पांडेय तथा संचालन हीरोडीह रेलवे स्टेशन के प्रभारी अधीक्षक रविंद्र कुमार ने किया, वहीं बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष एफ जियाद्दुदीन थे। सम्मेलन में धनबाद मंडल के विभिन्न स्टेशनों से कुल 70 स्टेशन मास्टर मौजूद थे।
सम्मेलन में एस्मा के उद्देश्य, अधिकार और कर्तव्यों को बताया गया। वहीं, अपने हितों की रक्षा तथा संस्कृति का विकास भी इसका मुख्य लक्ष्य बताया गया । इस सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने कार्य तथा ड्यूटी के दौरान आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई वहीं लोगों ने अपनी- अपनी समस्याओं को रखने के पश्चात 14 सूत्री मांगो के प्रति भी गंभीरता जाहिर करते हुए इसे संबंधित अधिकारी तक मांग पत्र समर्पित करने का निर्णय लिया, जिसमें प्रत्येक रेलवे स्टेशन मास्टर के चैंबर में शौचालय की व्यवस्था, टू नाईट रोस्टर, स्टेशनों में स्टेशन प्रबंधक के लिए विश्राम कक्ष की व्यवस्था, एमएससीपी 9वीं लेवल की मांग, एआई रोस्टर को खत्म करने, सुरक्षा भत्ता की मांग, 15 प्रतिशत पोस्ट को ग्रुप बी में कन्वर्ट करने, व्यस्तम यातायातवाले स्टेशनों पर अतिरिक्त स्टेशन मास्टर की नियुक्ति करने, एनपीएस को खत्म कर पुराने पेंशन योजना को लागू करने सहित 14 सूत्री मांग पत्र को वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक धनबाद को सौंपने का निर्णय लिया। कार्यक्रम के आयोजन में सीएम पांडेय, अशोक कुमार, मुकेश कुमार, पंकज कुमार, यातायात निरीक्षक संजय प्रसाद की अहम भूमिका रही। वहीं, इस सम्मेलन में रमेश महतो, शंभू कुमार, गौरी शंकर, मोहम्मद आलम, आरडी शर्मा, डीके पूरी, मुन्ना कुमार, डीके सिंह, रितु कुमारी सहित कई स्टेशन मास्टर उपस्थित हुए।
कर्मचारी मूलभूत सुविधा से वंचित: रमेश
धनबाद रेल मंडल भारत के सभी मंडल में आय के मामले में दूसरा स्थान रखता है, लेकिन यहां के अधिकारी व कर्मचारी मूलभूत सुविधा से भी महरुम हैं। उक्त बातें एस्मा के धनबाद मंडल अध्यक्ष रमेश महतो ने प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि इन दिनों स्वच्छता अभियान पूरे भारत में जोर- शोर से चलाया जा रहा है। परंतु आज भी रेलवे स्टेशनों में स्टेशन प्रबंधक लोटा लेकर शौच जाने को मजबूर हैं। जबकि कई स्टेशनों पर महिला अधिकारियों की भी नियुक्ति की गयी है। उनके साथ खतरा भी मंडराता है। वहीं, उन्होंने बताया कि 14 सूत्री मांगों में टू नाईट रोस्टर, विश्राम कक्ष आदि महत्वपूर्ण मांगों में शामिल है।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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