42 साल पुरानी कोनार सिंचाई परियोजना की शुरुआत, 85 गांवों को मिलेगा फायदा
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हजारीबाग/रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 42 साल बाद झारखंड की महत्वाकांक्षी कोनार सिंचाई परियोजना की शुरुआत बुधवार को जिले के विष्णुगढ़ से किया। 1977 में एकीकृत बिहार के तत्कालीन राज्यपाल ने करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होने वाली कोनार सिंचाई परियोजना की आधारशिला रखी थी, लेकिन परियोजना को पूरा करने में विलंब हो जाने से इसकी लागत बढ़कर 2176 करोड़ रुपये हो गयी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में जब उन्होंने सत्ता संभाली, तो मात्र चार लाख हेक्टयेर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन आज यह बढ़कर 12 लाख हेक्टयेर क्षेत्र पहुंच गयी है। कहा कि सरकार हर महिलाओं, किसानों और गरीब मजदूरों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ी करने के लिए प्रयासरत है।
सीएम ने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से दो लाख सखी मंडल के सदस्यों को बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया और वह आज अपने पैर पर खड़ी है। कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में रेडी टू फूड के लिए 500 करोड़ रुपये की राशि राज्य के बाहर के ठेकेदारों को चला जाता है, अब सरकार ने फैसला लिया है कि रेडी टू फूड की व्यवस्था अब गांव की महिलाएं ही करेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि आर्थिक कठिनाईयों की वजह उज्ज्वला योजना का लाभ ले रही महिलाओं को दूसरा सिलेंडर भी निःशुल्क देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री द्वारा कोनार सिंचाई परियोजना का उदघाटन करने के बाद अब इस परियोजना का लाभ किसानों को मिलने लगा और खेतों तक पानी पहुंचा। इस परियोजना से तीन जिले हजारीबाग, बोकारो और गिरिडीह के 62 हजार 895 हेक्टेयर खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिल पाएगा। कोनार सिंचाई परियोजना पिछले 42 साल से अधर में थी। 2014 के बाद योजना पर काम शुरू हुआ और 5 साल में पूरा कर दिया गया। कोनार सिंचाई परियोजना से हजारीबाग के विष्णुगढ़ प्रखंड के 20 गांव, गिरिडीह के डुमरी और बगोदर प्रखंड के 62 गांव और बोकारो के नावाडीह प्रखंड के 3 गांवों के किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। मौके पर जलसंसाधन मंत्री रामचंद्र सहिस, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, अन्नपूर्णा देवी, अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।
सीएम ने कहा कि 2014 से पहले तक झारखंड में सिर्फ 4 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का पानी मिलता था। सिर्फ साढ़े चार साल में हमारी सरकार ने 12 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि तक सिंचाई का पानी पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्षा जल संचय के लिए जल शक्ति अभियान की शुरुआत की है। झारखंड भी इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा है। उन्होंने सभी से अपील की, कि पानी संचय करें। हमें अपने खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में, शहर का पानी शहर में रोकने की जरुरत है। झारखंड के किसानों को सरकार पूरी तत्परता के साथ संसाधन मुहैया करा रही है। पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत 35 लाख किसानों को 5000 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं, ताकि वो फसल से पहले बीज, खाद या कृषि की अन्य जरुरतों को पूरा कर सकें। किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ पशुपालन भी करना चाहिए। हमारी सरकार 90 फीसदी अनुदान पर गाय का वितरण कर रही है। इस योजना का लाभ उठाएं। आमदनी भी होगी और दूध खरीदने पर हो रहा खर्च भी बचेगा।
इस दौरान कार्यपालक अभियंता अभिषेक मिंज ने कहा कि वर्तमान में कोनार टनल में पानी छोड़े जाने के बाद 26 गांवों के 3401.365 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। नहर की कुल लंबाई 404.1782 किलोमीटर है। 28 अगस्त को उद्घाटन के बाद 29 अगस्त से इसमें निरंतर 800 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। नहर में 1700 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का लक्ष्य है। राज्य के तीन जिलों में हजारीबाग के विष्णुगढ़ प्रखंड में 20 गांव रू मायापुर, चैथा, अलपिटो, लेदी, सिमरिया, गुंडरो, अचलजामो, बलकमक्का, मंगरो, चटनियां, सलमंगरा, उच्चाघाना, बंदखारो, खरक्टो, चटकरी, मडमो, चिरूडीह, अलगडीहा, जोवर व खरकी। गिरिडीह के डुमरी प्रखंड में 31 गांव मंे डुमरी, बेलडीह, चितरामो, कुल्ही, पारगो, तिलैया, जमुनियां, पाथलडीह, खटिया, घुसको, कुसमरजा, खट्टा, कपिलो, चिरूआं, गोविंदपुर, कुसमाडीह, बलियारी, नावाडीह, नावाडीह, उलीबार, अंधारी, भावानंद, जरीडीह, फतेहपुर, फरसा बेड़ा, गोसाईं तिलैया, अंम्बाडीह, कोलहुवा, बेहरसुडीह। गिरिडीह के बगोदर प्रखंड में 31 गांव रू छोला बार, जमुआरी, अरवारा, गौडा, हसला, घाघरा, जरमुने, अटकाडीह, टुकटुको, लुकईया, बेलगाई, अखिना, मुनरो, गम्हरिया, धरगुल्ली, अम्बाडीह, डूंडलो, मंडरामो, देवरा डीह, बडकी सरिया, खम्बरा, बनपुरा, तिरला, डोरियो, औरा, पोहरी, घंघरी, तारानारी, खेतको, दामा, तारानारी व बगोदर तथा नावाडीह (बोकारो) में मूंगा रंगा, महुआटांड़ और पेक की खेत सिंचित होगी।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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