केंद्र सरकार ने नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण परियोजना को दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने नागपुर स्थित डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार परियोजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट विकास के लिए PPP मॉडल को स्वीकृति दी गई। जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड अगले 30 वर्षों तक एयरपोर्ट का संचालन और विकास करेगी। इस परियोजना के जरिए नागपुर को मध्य भारत का बड़ा एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की तैयारी है।
Nagpur Airport Modernization: नागपुर एयरपोर्ट को नई पहचान मिलने वाली है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और उन्नयन को मंजूरी दे दी है। सरकार ने एयरपोर्ट के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी भागीदारी को हरी झंडी दिखाई है। इसके तहत जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड अगले 30 वर्षों तक एयरपोर्ट के विकास, संचालन और प्रबंधन का काम संभालेगी।
सरकार के इस फैसले के बाद नागपुर एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

उल्लेखनीय है कि साल 2009 में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड ने मिलकर मिहान इंडिया लिमिटेड को शामिल किया। इसके बाद एयरपोर्ट के संचालन और विकास की योजना तैयार की गई।
साल 2016 में पीपीपी मॉडल के तहत निजी कंपनी चुनने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया गया, जिसमें जीएमआर सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी बनी। हालांकि बाद में यह प्रक्रिया कानूनी विवादों में फंस गई थी। मामला बोम्बे हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आखिरकार अक्टूबर 2024 में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
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